भारत-यूएस ट्रेड डील में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित, कृषि व डेयरी पर कोई समझौता नहीं: शिवराज सिंह चौहान
06 फरवरी 2026, नई दिल्ली: भारत-यूएस ट्रेड डील में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित, कृषि व डेयरी पर कोई समझौता नहीं: शिवराज सिंह चौहान – भारत–यूएस ट्रेड डील को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे भ्रामक आरोपों के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का नया उदाहरण है, जिसमें शुरुआत से ही किसान हितों को सर्वोपरि रखा गया है।
दिल्ली में आज मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसान हितों से कोई समझौता नहीं होगा, और इस समझौते में उसी दिशा में निर्णय लिए गए हैं।
मुख्य अनाज, फल, मिलेट्स और डेयरी पूरी तरह सुरक्षित
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारत के मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें, मिलेट्स और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर पर किसी भी तरह का खतरा नहीं है। उन्होंने दोहराया कि इस ट्रेड डील से किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि नए अवसर मिलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित पूरी तरह संरक्षित हैं और किसी भी ऐसे क्षेत्र के लिए बाजार नहीं खोला गया है, जिससे भारतीय किसानों पर दबाव बने।
छोटे किसानों को लेकर फैलाई जा रही आशंकाएं निराधार
इस सवाल पर कि देश की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है और छोटे किसानों पर इसका असर पड़ सकता है, श्री चौहान ने कहा कि कोई “बड़ी चीज़” अचानक भारत के बाजार में नहीं आने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो मुख्य फसलों पर और न ही डेयरी क्षेत्र पर कोई ऐसा फैसला लिया गया है, जो किसानों के लिए नुकसानदेह हो।
यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी के उस ट्वीट को लेकर पैदा हुए भ्रम पर कृषि मंत्री ने कहा कि वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल संसद में सभी तथ्य स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि छोटे और बड़े सभी भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं, और बाजार इस तरह नहीं खोला गया है कि किसानों पर कोई दबाव बने।
चावल, मसाले और टेक्सटाइल निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि भारत पहले से ही अमेरिका सहित कई देशों को चावल का बड़ा निर्यातक है। हाल के आंकड़ों के अनुसार भारत ने लगभग 63,000 करोड़ रुपये के चावल का निर्यात किया है।
उन्होंने कहा कि टैरिफ में कमी से चावल, मसाले और टेक्सटाइल के निर्यात को नया बल मिलेगा। टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उगाने वाले किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील समग्र रूप से किसानों के हित में है और निर्यात के नए रास्ते खोलती है।
फाइन प्रिंट समय पर आएगा सामने
जब विपक्ष द्वारा यह कहा गया कि सरकार ट्रेड डील की फाइन प्रिंट संसद और देश के सामने रखे, तो कृषि मंत्री ने कहा कि समय आने पर सभी विवरण सामने रखे जाएंगे, लेकिन इसका मूल संदेश साफ है—किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
किसान अन्नदाता हैं, उनके हित सर्वोपरि
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र इतना व्यापक है कि किसी भी तरह की अफवाह से किसानों में अनावश्यक चिंता पैदा हो सकती है। इसलिए सरकार का स्पष्ट रूप से भरोसा दिलाना जरूरी है।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “किसान अन्नदाता हैं, अन्नदाता मतलब जीवनदाता। उनके हित ही देश के हित हैं।” उन्होंने कहा कि किसानों की सेवा सरकार के लिए भगवान की पूजा के समान है और मोदी सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।
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