खरीफ 2026 के लिए पोटैशियम और फ़ॉस्फ़ोरस उर्वरक सब्सिडी में 11.6% (₹4,317 करोड़) की वृद्धि कर बजट ₹41,533.81 करोड़ किया
11 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: खरीफ 2026 के लिए पोटैशियम और फ़ॉस्फ़ोरस उर्वरक सब्सिडी में 11.6% (₹4,317 करोड़) की वृद्धि कर बजट ₹41,533.81 करोड़ किया – भारत सरकार की केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ 2026 (1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026) के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (पीएंडके) उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दे दी है।
खरीफ 2026 के लिए कुल सब्सिडी बजट ₹41,533.81 करोड़ निर्धारित किया गया है, जो कि खरीफ 2025 के ₹37,216.15 करोड़ के मुकाबले ₹4,317 करोड़ अधिक है। इस प्रकार कुल बजट में लगभग 11.6% की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह सब्सिडी एनबीएस योजना के तहत पीएंडके उर्वरकों पर दी जाएगी, जिसमें डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और विभिन्न एनपीकेएस ग्रेड शामिल हैं। सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार उर्वरक कंपनियों और आयातकों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों को उर्वरक नियंत्रित और किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकें।
सरकार का उद्देश्य खरीफ मौसम के दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि कृषि गतिविधियों में बाधा न आए। इस निर्णय से उर्वरकों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में सरकार एनबीएस योजना के तहत 28 प्रकार के पीएंडके उर्वरकों को सब्सिडी के माध्यम से उपलब्ध कराती है। यह योजना 1 अप्रैल 2010 से लागू है, जिसके तहत पोषक तत्वों के आधार पर प्रति इकाई सब्सिडी निर्धारित की जाती है।
हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया, डीएपी, म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) और सल्फर जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। इन परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खरीफ 2026 के लिए सब्सिडी दरों को मंजूरी दी है, ताकि घरेलू बाजार में उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहे।
उर्वरक विभाग खरीफ 2026 के लिए स्वीकृत सब्सिडी दरों को लागू करेगा।
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