कम्पनी समाचार (Industry News)

भारत आधारित फूड स्टार्टअप किसानसे ने 34 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई, किसान-से-उपभोक्ता मॉडल को करेगा मजबूत

07 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: भारत आधारित फूड स्टार्टअप किसानसे ने 34 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई, किसान-से-उपभोक्ता मॉडल को करेगा मजबूत – भारत का फूड स्टार्टअप किसानसे ने अपने विस्तार के लिए 34 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश का नेतृत्व NABVENTURES ने अपने एग्रीश्योर फंड (AgriSURE Fund) के जरिए किया है, जबकि इस राउंड में कुछ अनुभवी उद्योग विशेषज्ञों ने भी निवेश किया है। यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपने किसान-से-उपभोक्ता मॉडल को तेजी से बढ़ाने पर काम कर रही है।

किसानों से सीधे जुड़ने पर जोर

किसानसे का पूरा मॉडल इस बात पर आधारित है कि किसानों और उपभोक्ताओं के बीच दूरी कम की जाए। आम तौर पर कृषि उत्पाद कई स्तरों से होकर बाजार तक पहुंचते हैं, लेकिन यह कंपनी सीधे किसान समूहों से खरीद करती है।

कंपनी की शुरुआत नितिन पूरी, वैशाली मेहता और मनोज कार्की ने की थी। किसानसे “एक ही स्रोत” से आने वाले उत्पादों पर काम करता है, यानी हर उत्पाद किसी एक खास क्षेत्र और किसान समूह से जुड़ा होता है। इससे उपभोक्ताओं को यह पता रहता है कि उनका खाना कहां से आ रहा है, और किसानों को भी बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ती है।

फंडिंग का इस्तेमाल कैसे होगा

कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल अपने कारोबार को बढ़ाने में करेगी। इसमें नए बाजारों तक पहुंच बनाना, ब्रांड को मजबूत करना और टीम को विस्तार देना शामिल है। साथ ही, कंपनी तकनीक पर भी निवेश करेगी ताकि खरीद से लेकर डिलीवरी तक पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके।

इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और कंपनी ज्यादा लोगों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकेगी। इसका सीधा फायदा किसानों और ग्राहकों दोनों को मिलेगा।

निवेशक और उनकी भूमिका

यह निवेश एग्रीश्योर फंड के जरिए आया है, जिसे भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और NABARD का समर्थन प्राप्त है। इस फंड का प्रबंधन NABVENTURES करता है और यह खास तौर पर कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स में निवेश करता है।

Vikas Bhatt का कहना है कि किसानसे एक अलग तरह का मॉडल बना रहा है, जिसमें ब्रांड, किसानों से सीधी खरीद और बाजार तक पहुंच—all एक साथ जुड़े हुए हैं। इससे पूरी वैल्यू चेन में संतुलित फायदा मिल सकता है, खासकर किसानों को।

बदलती मांग और नया मौका

आजकल उपभोक्ता ऐसे खाद्य उत्पाद चाहते हैं जो प्राकृतिक हों, कम प्रोसेस किए गए हों और जिनका स्रोत साफ-साफ पता हो। दूसरी तरफ, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के बढ़ने से छोटे किसानों के लिए बाजार तक पहुंच आसान हुई है।

किसानसे इसी बदलाव का फायदा उठाते हुए किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का काम कर रहा है।

अभी कंपनी कहां खड़ी है

फिलहाल किसानसे 12 अलग-अलग श्रेणियों में 100 से ज्यादा उत्पाद बेच रहा है। कंपनी 9 राज्यों में फैले 25 किसान समूहों के साथ काम कर रही है, जिनसे करीब 50,000 किसान जुड़े हुए हैं।

कंपनी का मॉडल ऐसा है जिसमें किसानों के साथ मिलकर ब्रांडिंग और मुनाफा साझा किया जाता है। इसके उत्पाद कंपनी की अपनी वेबसाइट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और दिल्ली-एनसीआर के कुछ रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध हैं।

आगे की योजना

संस्थापक नितिन पुरी का कहना है कि यह साझेदारी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। इससे कंपनी को NABARD के बड़े नेटवर्क और किसान समूहों तक पहुंच मिलेगी, जिससे विस्तार में तेजी आएगी।

कंपनी का लक्ष्य है कि वह ऐसे मॉडल को मजबूत करे जिसमें किसानों को बेहतर कमाई मिले और उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और अच्छी गुणवत्ता का खाना मिल सके।


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