कम्पनी समाचार (Industry News)

आईसीएल समूह ने भारत में विशेष उर्वरक निर्माण संयंत्र शुरू किया, आपूर्ति सुरक्षा को मिलेगा बल

19 मार्च 2026, तेल अवीव / नई दिल्ली: आईसीएल समूह ने भारत में विशेष उर्वरक निर्माण संयंत्र शुरू किया, आपूर्ति सुरक्षा को मिलेगा बल – आईसीएल समूह (ICL Group) ने महाराष्ट्र में विशेष उर्वरक निर्माण संयंत्र की शुरुआत की घोषणा की है। यह कदम वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आ रही बाधाओं के बीच भारत में स्थानीय उत्पादन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों में व्यवधान देखा जा रहा है, विशेष रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में रुकावटों के कारण। इन परिस्थितियों का असर उर्वरक उपलब्धता पर पड़ रहा है और लंबे समय तक जारी रहने पर खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

यह संयंत्र मेक इन इंडिया पहल (Make in India) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश में विनिर्माण को बढ़ावा देना है। भारत में जल में पूर्णतः घुलनशील उर्वरकों का स्थानीय स्तर पर उत्पादन कर आईसीएल समूह आयात पर निर्भरता कम करने, आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने और किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को अधिक विश्वसनीय बनाने का लक्ष्य रखता है।

यह इकाई उन्नत जल में घुलनशील उर्वरकों का उत्पादन करेगी, जो सटीक पोषक तत्व प्रबंधन और बेहतर कृषि दक्षता में सहायक हैं। उपलब्ध उद्योग आंकड़ों के अनुसार, भारत में इस श्रेणी के उर्वरकों का बाजार पिछले वर्षों में निरंतर बढ़ रहा है, जिसका प्रमुख कारण सूक्ष्म सिंचाई और संरक्षित खेती का बढ़ता उपयोग है।

लगभग सात एकड़ (करीब 28,000 वर्ग मीटर) में फैला यह संयंत्र इज़राइल में संचालित आईसीएल समूह के उत्पादन मॉडल पर आधारित है और समान गुणवत्ता के उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह नई इकाई उत्पादन के भौगोलिक विस्तार को मजबूत करेगी और बाहरी चुनौतियों के बीच आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाएगी।

आईसीएल समूह पिछले तीन दशकों से भारत में सक्रिय है और देश में इसके संचालन से लगभग 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर का वार्षिक राजस्व प्राप्त होता है।

इस अवसर पर नीर इलानी (Nir Ilani) ने कहा कि यह निवेश कंपनी की विशेष उर्वरक उत्पादन क्षमता को प्रमुख विकासशील बाजारों में विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों में स्थानीय उत्पादन क्षमता का निर्माण आवश्यक हो गया है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

भारत में आईसीएल का नया विशेष उर्वरक संयंत्र

कंपनी के अनुसार, यह संयंत्र उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह विशेष उर्वरक बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करना, ग्राहकों के साथ संबंधों को गहरा करना और स्थानीय कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान प्रदान करना चाहती है।

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