बीएएसएफ और कॉर्टेवा ने भारत में क्लियरफील्ड® सरसों उत्पादन प्रणाली शुरू की
18 फरवरी 2026, जयपुर: बीएएसएफ और कॉर्टेवा ने भारत में क्लियरफील्ड® सरसों उत्पादन प्रणाली शुरू की – बीएएसएफ इंडिया ने कॉर्टेवा एग्रीसाइंस इंडिया के साथ साझेदारी में भारत में सरसों की खेती के लिए क्लियरफील्ड® उत्पादन प्रणाली शुरू की है। यह एक गैर-ट्रांसजेनिक, शाकनाशी-सहिष्णु फसल प्रणाली है, जिसे बीएएसएफ ने विकसित किया है और कॉर्टेवा बीज साझेदार के रूप में इसके साथ कार्य कर रहा है।
भारत में सरसों का उत्पादन 40 लाख टन से अधिक है और इसकी खेती हर वर्ष 80 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में की जाती है। किसानों को ओराबैंकी (Orobanche) जैसे परजीवी खरपतवारों के कारण उत्पादन हानि का सामना करना पड़ता है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में पैदावार में 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है, जबकि गंभीर स्थिति में पूरी फसल भी नष्ट हो सकती है। उत्पादन बनाए रखने और खाद्य तेलों में आयात निर्भरता कम करने के लिए खरपतवार प्रबंधन आवश्यक है।
क्लियरफील्ड प्रणाली शाकनाशी सहिष्णुता और फसल आनुवंशिकी का संयोजन है। इसमें बीएएसएफ का किफिक्स® (Kifix®) शाकनाशी शामिल है, जिसका उपयोग ओराबैंकी सहित अन्य खरपतवारों के नियंत्रण के लिए किया जाता है। इस प्रणाली में उपयोग किए जाने वाले सरसों के बीज पारंपरिक पादप प्रजनन तकनीकों से विकसित किए गए हैं और ये आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) नहीं हैं। इसे आसान भाषा में समझें तो, इन बीजों में शाकनाशी सहिष्णुता है, इसलिए इनकी फसल में निर्धारित मात्रा में किफिक्स® शाकनाशी का उपयोग कर खरपतवारों को नियंत्रित किया जा सकता है, जबकि सरसों की फसल सुरक्षित रहती है।
राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान देश का प्रमुख सरसों उत्पादक राज्य है और किसानों को ओराबैंकी जैसे खरपतवारों से चुनौती का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि क्लियरफील्ड सरसों उत्पादन प्रणाली से खरपतवार प्रबंधन में सहायता मिल सकती है, जिससे उत्पादन स्थिर रखने और किसानों की आय सुरक्षित करने में मदद होगी।
बीएएसएफ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस इंडिया के निदेशक गिरिधर राणुवा ने कहा कि यह पहल किसानों को खरपतवार प्रबंधन के लिए विकल्प उपलब्ध कराने और सरसों की पैदावार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई है तथा परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया।
कॉर्टेवा एग्रीसाइंस, दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सुब्रतो गीड ने कहा कि क्लियरफील्ड सरसों उत्पादन प्रणाली वैज्ञानिक आधार पर विकसित समाधान है, जिसका उद्देश्य किसानों की उत्पादकता को समर्थन देना और देश की खाद्य एवं तिलहन आवश्यकताओं में योगदान करना है।
क्लियरफील्ड® सरसों उत्पादन प्रणाली को सरसों उगाने वाले क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जो स्थानीय कृषि पद्धतियों के अनुरूप होगा।
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