किसानों की तस्वीर और तकदीर बदली

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फूलगोभी ने दिलाई हिवरासेनाडवार को पहचान

17 फरवरी 2022, इंदौर ।  किसानों की तस्वीर और तकदीर बदली  छिंदवाड़ा  जिले के पांढुर्णा विकासखंड का ग्राम हिवरासेनाडवार ने अब एक गांव एक फसल उत्पादन के अंतर्गत फूलगोभी ग्राम के रूप में अपनी पहचान बना ली है । इस ग्राम में खरीफ में लगभग 250 हेक्टेयर, रबी में लगभग 180 हैक्टेयर और ग्रीष्मकालीन मौसम में लगभग 80 हेक्टेयर रकबे में फूलगोभी की फसल ली जा रही है । 

कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन के मार्गनिर्देशन में जहां एक ओर छिन्दवाड़ा जिले की एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत संतरा व आलू फसल में पहचान बनी है, वहीं अब ग्राम हिवरासेनाडवार की पहचान भी एक गांव एक फसल उत्पादन के अंतर्गत फूलगोभी ग्राम के रूप में बन रही है । ग्राम हिवरासेनाडवार में गुणवत्तापूर्ण, स्वादिष्ट व पौष्टिक फूलगोभी और अन्य सब्जियों के उत्पादन से इस ग्राम के किसानों को प्रति हेक्टेयर लगभग 1.80 लाख रूपये से 2 लाख रूपये तक का शुध्द लाभ हो रहा है जिससे इस ग्राम के किसान आत्म निर्भर होते जा रहे हैं ।

छिंदवाड़ा के उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने कृषक जगत को बताया कि छिन्दवाड़ा जिले के पांढुर्णा विकासखंड का ग्राम हिवरासेनाडवार का कुल रकबा 964 हेक्टेयर है जिसमें 827 कृषक फूलगोभी और अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं । इस ग्राम के 300 से 350 किसानों ने जून से सितम्बर तक के खरीफ मौसम में लगभग 250 हेक्टेयर में फूलगोभी  की फसल लगाई तथा प्रति हेक्टेयर लगभग 70 हजार रूपये की लागत से इस फसल से उन्हें  20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर फूलगोभी का उत्पादन मिला और 6 से 8 रूपये प्रति किलोग्राम के बाजार मूल्य पर फूलगोभी को बेचने पर उन्हे प्रति हेक्टेयर 1.25 लाख रूपये की शुध्द आय हुई ।

दूसरे दौर में  इस गाँव  के 250 से 270 किसानों ने अक्टूबर से जनवरी तक के रबी मौसम में लगभग 180 हेक्टेयर में फूलगोभी की फसल लगाई तथा प्रति हेक्टेयर लगभग 65 हजार रूपये की लागत से इस फसल से उन्हें  22 से 25 टन प्रति हेक्टेयर फूलगोभी का उत्पादन मिला और 7 से 8 रूपये प्रति किलोग्राम के बाजार मूल्य पर फूलगोभी को बेचने पर उन्हे प्रति हेक्टेयर 90 हजार  रूपये की शुध्द आय हुई । तीसरे दौर में हिवरासेनाडवार  के 120 से 125 किसानों ने फरवरी से अप्रैल तक के जायद मौसम में लगभग 80 हेक्टेयर में फूलगोभी की फसल लगाई तथा प्रति हेक्टेयर लगभग 65 हजार रूपये की लागत से इस फसल से उन्हे 15 से 18 टन प्रति हेक्टेयर फूलगोभी का उत्पादन मिला और 10 से 12 रूपये प्रति किलोग्राम के बाजार मूल्य पर फूलगोभी को बेचने पर उन्हें  प्रति हेक्टेयर 1.25 लाख रूपये की शुध्द आय हुई । फूलगोभी और अन्य उद्यानिकी फसलों ने ग्राम हिवरासेनाडवार और आस-पास के किसानों की तस्वीर और तकदीर  बदल दी है।  अब सभी कृषक आर्थिक रूप से समृध्द होते जा रहे हैं ।  

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