जैविक खेती और जैव विविधता से मिला पुरस्कार

Share

baskale2

14 अगस्त 2021, खरगोन । जैविक खेती और  जैव विविधता से मिला पुरस्कार – जैव विविधता को लेकर कोई किसान भी पुरस्कार प्राप्त कर सकता है। यह खरगोन के जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले अविनाष दांगी ने कर दिखाया है। अविनाष दांगी को राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-2020 के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। बिस्टान के अविनाष दांगी मूल रूप से वर्ष 2001 से शुरूआत में 5 एकड़ से जैविक खेती प्रारंभ की थी। आज के दौर में उन्होंने अपने 25 एकड़ के खेत में पूरी तरह जैविक खेती प्रारंभ की है। इतना ही नहीं इस जैविक खेती के लिए उन्होंने अपने खेतों के चारों ओर कई किस्म के पेड़ भी लगाए हैं। जिनपर 50 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का वास है। अलग-अलग समय में आने वाले पक्षियों को भी अविनाष दांगी के खेत में पर्याप्त भोजन, हवा, पानी और रहने के लिए पौधे मिलते हैं। अविनाष दांगी बताते हैं कि जैविक खेती करते हुए यह अनुभव हुआ कि वे जैविक किटनाषकों का प्रयोग भी कम से कम करने में ज्यादा से ज्यादा फायदा पक्षियों को आश्रय देने से मिलता है। जिसका परिणाम यह होता हैं कि कीट व्याधि को अलग-अलग तरह के पक्षी अपना आहार बनाते हैं।

सब्जी, अनाज के बाद अब फलों की जैविक खेती

baskale3

वैसे तो अविनाष 2001 से जैविक खेती कर रहे हैं। तब उन्होंने सब्जी और अनाज से इसकी शुरूआत की थी। मगर अब वे फलों की जैविक खेती की ओर एक अलग मॉडल पर कार्य प्रारंभ किया है। उनके जैविक उत्पाद अब जिले से पूरे देष में जाने लगे हैं। उनका हर किसान से कहना है कि कम से कम एक या दो एकड़ में अपने परिवार के लिए जैविक खेती को जरूर अपनाए और बॉयोडायवरसीटी का भी ध्यान रखा जा सकता है। अविनाष दांगी ने जैव विविधता पुरस्कार के लिए ऑनलाईन इन्ट्री भेजी थी। चयन होने के बाद इन्हेे 15 अगस्त पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर द्वारा ट्राफी और प्रमाण-पत्र के साथ पुरस्कृत किया जाएगा। 

पुष्पेंद्र वास्कले (मो-नं-73540-20310)

 

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *