गर्मी में लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें

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29 मई 2021, खण्डवा । गर्मी में लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें  – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि प्रतिवर्ष ग्रीष्म काल में अधिक तापमान के कारण संबंधित बीमारियों की संख्या में वृद्धि परिलक्षित हो रही है, जन समामान्य को गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आवष्यक सावधानियां करना चाहिए। जनसामान्य के लिए परामर्ष है कि शरीर को पानी की कमी से बचायें। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी/ओ.आर.एस. पिये। घर में बने पेय जैसे- नींबू-पानी, छाछ-मठ्ठा-लस्सी, फलों का रस आदि में नमक डालकर सेवन करें। घर से बाहर निकलते समय एवं यात्रा के लिए पानी साथ रखें।  ऐसे फल व सब्जियों का सेवन करें जिनमें पर्याप्त मात्रा में पानी होता है जैसे तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर, ककड़ी आदि।  शरीर को ढांक कर रखें। पतले, डीले एवं हल्के रंग के सूती वस्त्र को पहनें। धूप से बचने के लिए सिर ढांक कर रखें छाता, टोपी, हैट, गमछा, टावेल या अन्य प्रकार से सिर को कवर करें। बाहर जाते समय जूते-चप्पल-सैंडल पहनें। तेज धूप के समय जहां तक संभव हो, घर में ही रहें। कमरे ठंडे एवं हवादार हो, विषेषकर घर के उन स्थानों पर जहां धूप आती है। शाम एवं रात को ठंडी हवा आने के लिए पर्दे खोल दें। बाहर जाना आवष्यक होने पर धूप के समय बाहर निकलने से बचें। दोपहर की जगह सुबह एवं शाम को बाहर निकले, जब वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा हो ।

अतिसंवेदनशील वर्ग के लिए परामर्श

यद्यपि कोई भी व्यक्ति किसी भी समय लू/तापघात से ग्रसित हो सकता है, तथापि कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में तापघात होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे संवदेनषील या हाई रिस्क ग्रुप में आते है, उनमें षिषु एवं छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाए, 65 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्ति, बाहर (आउट डोर) काम करने वाला वर्ग, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति, अन्य शारीरिक बीमारियों, विषेषतः हृदय रोग या हाई बी.पी. से ग्रस्त व्यक्ति शामिल है। बुजुर्ग या बीमार जो अकेले रहते हो, उनके स्वास्थ्य की निगरानी प्रतिदिन की जाए ।घर ठंडा रखने का प्रयास करें। पर्दे, शटर का उपयोग करें, रात को खिड़कियां खुली रखें। निचली मंजिल पर रहने का प्रयास करें। गीले कपड़े से शरीर का तापमान कम करें। ठंडे पानी से स्नान करें। स्वास्थ्य खराब महसूस होने पर – यदि कमजोरी, चक्कर आना, घबराहट या तीव्र प्यास के साथ सिरदर्द हो तो चिकित्सा सहायता प्राप्त करें तथा तत्काल ठंडी जगह पर जायें एवं शरीर का तापमान मापें। पानी या अन्य पेय पियें तथा शरीर का पुनर्जलीकरण करें। मासपेषियों में दर्द या ऐंठन विषेषतः पैर हाथ या पेट की मासपेषियों में ऐंठन होने पर अथवा गर्मी में अधिक समय तक कसरत करने के बाद होने पर तत्काल ठंडे स्थान पर आराम करें। ओ.आर.एस. का सेवन करें। हीट क्रेम्प 1 घण्टे से अधिक समय तक रहने पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करें ।

क्या न करें

धूप में बाहर जाने से बचें विशेषतः दोपहर को 12 बजे से 3 बजे तक। दोपहर को कठोर श्रम से बचें। बिना चप्पल-सैंडल के धूप में न जायें। अधिक गर्मी में खाना बनाने से बचें। रसोई घर की खिड़कियां खुली रखें। शराब/चाय/कॉपी/सॉफ्ट ड्रिंक या अधिक शक्कर वाले पेय न पियें, इनमें शरीर से अधिक मात्रा में पानी का निकास होता है तथा पेट में क्रॅम्प आने की संभावना होती है। अधिक प्रोटीन युक्त पदार्थ न खायें एवं बासी खाने का सेवन न करें। बच्चों या पालतू जानवरों को पार्किंग में वाहन में न छोड़ें।

खतरे के चिन्ह

खतरे के चिन्ह पाये जाने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें, जिसमें दिमागी भ्रम की स्थिति, चिड़चिड़ापन, लडखड़ाना, झटके आना, बेहोषी छाना, त्वचा का लाल, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस/104 डिग्रीएफ या अधिक होना, टीस के साथ सिरदर्द, एक्जाइटी, चक्कर, ऑंखों के आगे अंधेरा छाना, सिर हल्का महसूस होना, मॉसपेषियों में कमजोरी या मसल क्रॅम्न आना, जी मिचलाना, उल्टी आना, धड़कन तेज होना, तेज उथली सांस चलना शामिल है।

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