फसल की खेती (Crop Cultivation)

श्रीराम ज़ार्विन (Shriram Zarwin) फफूंदनाशक: आलू में लेट ब्लाइट (पछेती झुलसा) का प्रभावी नियंत्रण

14 जनवरी 2026, नई दिल्ली: श्रीराम ज़ार्विन (Shriram Zarwin) फफूंदनाशक: आलू में लेट ब्लाइट (पछेती झुलसा) का प्रभावी नियंत्रण – भारत में आलू की खेती में लेट ब्लाइट (पछेती झुलसा) एक बड़ी समस्या है। किसान आमतौर पर आलू के पौधे की पत्तियों पर धब्बे दिखने पर फसल सुरक्षा उत्पादों का छिड़काव शुरू करते हैं। लेकिन क्या यह सही समय है? आमतौर पर जब पत्ती पर धब्बे दिखाई देते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इस समय तक, फंगस पौधे में पूरी तरह से फैल चुका होता है और पौधे ख़राब होने लगते हैं। किसान फसल को बचाने की कोशिश करते हैं और दोगुना पैसा खर्च करते हैं लेकिन  बिना किसी लाभ के।

लेट ब्लाइट(पछेती झुलसा) का प्रभावी नियंत्रण: श्री राम ज़ार्विन(Shriram Zarwin)

किसान के लिए सही समय पर सही फसल सुरक्षा उत्पाद का उपयोग करना ज़रूरी है, और इसके लिए एक प्रभावी उत्पाद है श्रीराम ज़ार्विन (Shriram Zarwin)। यह आलू में पछेती झुलसा के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक फफूंदनाशक है। श्रीराम ज़ार्विन दो उन्नत फफूंदनाशक ऑक्साथियापिप्रोलिन 0.6% + मैनकोज़ेब 60% W/W WG का मिश्रण है। फसल पर सही समय पर श्रीराम ज़ार्विन का उपयोग पछेती झुलसा के विभिन्न चरणों पर असर करता है। यह फंगस के स्पोर्स के अंकुरण को रोक देता है जिससे फंगस के लिए पौधे में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है। यही शुरुआती सुरक्षा पौधे को मजबूत बनाती है और विकास को भी बढ़ावा देती है। श्रीराम ज़ार्विन की एंटी-स्पोरोलेंट क्रिया (बीजाणु रोधक क्रिया) संक्रमण के फैलाव को रोक कर, बीमारी के प्रसार को भी नियन्त्रिक करती है ।

श्रीराम ज़ार्विन की दोहरी कार्यप्रणाली फसल को संपर्क और अंतःप्रवाही – दोनों तरह से ताकतवर सुरक्षा प्रदान करता है। पौधे के अंदर इसका एक्रोपेटल मूवमेंट इसे नई पत्तियों तक तेज़ी से और समान रूप से पहुंचने और उनकी रक्षा करने में मदद करता है। श्रीराम ज़ार्विन पौधे द्वारा बहुत तेज़ी से अवशोषित होता है और अगर छिड़काव के 20 मिनट बाद बारिश भी होती है, तो भी यह पौधे से धुलता नहीं है एवं यह विश्वसनीय और स्थिर परिणाम देता है।

श्री राम ज़ार्विन कब इस्तेमाल करें:

आलू के पौधे वानस्पतिक अवस्था से लेकर कंद निर्माण की शुरुआत तक पछेती झुलसा के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। यही श्रीराम ज़ार्विन का छिड़काव करने का सही समय है। बुवाई के 30–35 दिन बाद किसान 1 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से श्रीराम ज़ार्विन का छिड़काव करें। इसके 5 दिन बाद 600 ग्राम प्रति एकड़ की मात्रा में श्रीराम क्रेसिवो (Shriram Cresivo) का छिड़काव करें। इसके अगले 5 दिन बाद श्रीराम ज़ार्विन को फिर से स्प्रे करें और उसके 5 दिन बाद बेहतर व असरदार नियंत्रण के लिए श्रीराम क्रेसिवो का दोबारा छिड़काव करें।

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श्रीराम ज़ार्विन और श्रीराम क्रेसीवो को स्प्रे करने का यह तरीका आलू की फसल को लेट ब्लाइट (पिछेती झुलसा) से पूरी सुरक्षा देगा। इससे किसान को एक जैसे आकार के कंद और अच्छी क्वालिटी की उपज मिलती है, जिससे उसे बाज़ार में अच्छा दाम मिलता है।

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