फसल की खेती (Crop Cultivation)

बुआई के बाद की देखभाल, सोयाबीन किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

16 जुलाई 2024, भोपाल: बुआई के बाद की देखभाल, सोयाबीन किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव – सोयाबीन की खेती में बुआई के बाद का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण होता है। इससे फसल की उपज और गुणवत्ता में सुधार होता है। भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान ने बुआई के बाद के प्रबंधन पर किसानों को आवश्यक सलाह दी है। किसान को अपने फसल की सुरक्षा और उपज बढ़ाने के लिए कुछ विशेष तकनीकों और सुझावों का पालन करना चाहिए।

किसानों के लिए बुआई के बाद के प्रबंधन

जिन किसानों ने बोवनी के लिए बीबीएफ/रिज फरो विधियों , के स्थान पर केवल परंपरागत सीड ड्रिल की सहायता से सोयाबीन की बोवनी की हैं, उन्हें 6 या 9 कतारों के अंतराल पर नालिया बनानी चाहिए, जिससे अतिरिक्त वर्षा के जल की निकासी में सुविधा हो और साथ ही लंबे समय तक सूखे के दौरान नमी का संरक्षण भी होगा।

ऐसे किसान जिन्होंने अपनी फसल में बोवनी पूर्व या बोवनी के तुरंत बाद उपयोगी खरपतवारनाशकों का प्रयोग किया हैं, उन्हें खरपतवार नियंत्रण के लिए डोरा/कुलपा से अंतर-खेती कर सकते हैं। 

पत्ती खाने वाले कीटों पर नियंत्रण

पत्ती खाने वाले कीटों से सुरक्षा हेतु किसानों को 15-20 दिन की फसल में, फूल आने से पहले क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @ 150 मिली/हेक्टेयर का छिड़काव करने की सलाह दी जाती है, जिससे 30 दिनों तक कीट नियंत्रण रहेगा।

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तना मक्खी प्रबंधन हेतु कीटनाशक

तना मक्खी के लक्षण दिखने पर तुरंत थायामेथोक्सम 12.60% + लैम्ब्डा साइहैलोथ्रिन 09.50% जेडसी @ 125 मिली/हेक्टेयर का छिड़काव करें। ICAR-IISR के अनुसार, निम्नलिखित कीटनाशकों और शाकनाशियों का संयोजन अनुकूल है:

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  1. कीटनाशक: क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी (150 मिली/हेक्टेयर) या क्विनलफॉस 25 ईसी (1 लीटर/हेक्टेयर) या इंडोक्साकार्ब 15.8 ईसी (333 मिली/हेक्टेयर)
  2. खरपतवारनाशक: इमेजेथापायर 10 एसएल (1 लीटर/हेक्टेयर) या क्विज़ालोफ़ॉप एथिल 5 ईसी (1.00 लीटर/हेक्टेयर) 

सोयाबीन में खरपतवारनाशक के प्रयोग की जानकारी

जहाँ फसल 15-20 दिन की है और खरपतवारनाशकका प्रयोग नहीं हुआ है, वहाँ पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशकका छिड़काव करें। छिड़काव के लिए फ़ूड जेट/फ़्लैट फ़ैन नोजल और पर्याप्त पानी (पावर स्प्रेयर: 125 लीटर/हेक्टेयर, नैपसेक स्प्रेयर: 450 लीटर/हेक्टेयर) का उपयोग करें।

जहां बारिश नहीं हो रही है, वहां सस्प्रिंक्लर, ड्रिप, या बी.बी.एफ/रिज फरो से बनी नालियों से सिंचाई के उपाय अपनाएं।

सोयाबीन की फसल में अनुशंसित खरपतवार नाशकों की सूची

क्रं.खरपतवारनाशक       का
प्रकार
रासायनिक नाममात्रा/हेक्टे.प्रभावशीलता
1बौवनी   पूर्व     उपयोगी
(PPI)
पेंडिमेथालिन + इमेजेथापायर2.5-3.0 ली.दोनों प्रकार के खरपतवार
2बौवनी   के   तुरन्त   बाद (PE)डिक्लोसुलम 84 डब्ल्यूडीजी26-30 ग्रामचौड़ी पत्ती वाले
सल्फेंट्राजोन 39.6 एससी0.75 ली.दोनों प्रकार
क्लोमोजोन 50 ईसी1.50 – 2.00 ली.दोनों प्रकार
पेंडिमेथालिन 30 ईसी2.50-3.30 ली.दोनों प्रकार
पेंडिमेथालिन 38.7 सीएस1.50-1.75किग्रा/ग्रा.दोनों प्रकार
फ्लूमियोक्साज़िन 50 एससी0.25 ली.चौड़ी पत्ती वाले
मेट्रीबुज़िन 70WP0.75-1.00किग्रा/ग्रा.दोनों प्रकार
सल्फेंट्राजोन + क्लोमाजोन1.25 ली.दोनों प्रकार
पाइरोक्ससल्फोन 85 डब्लूजी150 ग्रा.दोनों प्रकार
मेटोलाक्लोर 50 ईसी2.00 ली.दोनों प्रकार
3बौवनी   के 10-12 दिन बाद (POE)क्लोरिम्यूरोन एथिल 25% डब्ल्यूपी + सर्फैक्टेंट36 ग्रामचौड़ी पत्ती वाले
बेंटाजोन 48 एसएल2.00 ली.दोनों प्रकार
बौवनी   के 15-20 दिन बाद (POE)इमेजेथापायर10 एसएल1.00 ली.दोनों प्रकार
इमेजेथापायर 70% डब्ल्यूजी + सर्फैक्टेंट1.00 ली.दोनों प्रकार
क्विज़ालोफ़ॉप-एथिल 5 ईसी100 ग्रा.दोनों प्रकार
क्विज़ालोफ़ॉप-पी-एथिल 10 ईसी0.75-1.00 ली.घासवगीय
फेनोक्साप्रोप-पी-एथिल 9.3 ईसी375-450 एमएलघासवगीय
क्विज़ालोफ़ॉप-पी-टेफ़्यूरिल 4.41 EC1.11 ली.घासवगीय
फ्लूजीफॉप-पी-ब्यूटाइल 13.4% EC0.75- 1.00 ली.घासवगीय
हेलोक्सीफॉप आर मिथाइल 10.5 EC1.00-2.00 ली.घासवगीय
प्रोपेक्विजाफॉप 10 EC1.0-1.25 ली.घासवगीय
फ्लुथियासेट मिथाइल 10.3 EC500-750 एमएलघासवगीय
क्लेथोडिम 25 EC500 -700 एमएलघासवगीय
           पूर्वनिर्धारित खरपतवारनाशक(POE)फ्लूजीफॉप-पी-ब्यूटाइल + फोमेसेफेन125 एमएलचौड़ी पत्ती वाले
इमेजेथापायर + इमाजामोक्स1.00 ली.
प्रोपेक्विजाफॉप + इमेजेथापायर100 ग्रा.
सोडियम ऐसफ्लोरोफेन +2.00 ली.
क्लोडिनाफॉपप्रोपरगिल1.00 ली.
फोमेसेफेन + क्विजालोफॉप एथिल1.50 ली.
क्विजालोफॉप एथिल 10% EC + क्लोरिम्यूरोन375 एमएल+36 ग्रा.+0.2%
एथिल 25% WP + सर्फेक्टेंट (0.2) (खरपतवार) (ट्विन पैक)500 एमएल
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