बरसात की पहली फुहार और किसान अपने खेत में
सूखी धरती खुला आसमान की तरफ बरसात के इन्तजार में आंख गढ़ाए बैठा किसान मानसून के दस्तक देते ही उसकी आंखों में जैसे एक आशा की किरण जगने लगी। मानसून के दस्तक से प्रकृति ने अंगड़ाई लेना प्रारंभ किया तो
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