फसल की खेती (Crop Cultivation)

नवीनतम फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और कृषि पद्धतियों में नवाचार, बुआई का समय, बीज उपचार, खरपतवार नियन्तारन, रोग नियन्तारन, कीटो और संक्रमण से सुरक्षा, बीमरियो का नियन्तारन। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और नई किस्मे। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल में कीट नियंतरण एवं रोग नियंतरण। सोयाबीन में बीज उपचार कैसे करे, गेहूँ मैं बीज उपचार कैसे करे, धान मैं बीज उपचार कैसे करे, प्याज मैं बीज उपचार कैसे करे, बीज उपचार का सही तरीका। मशरुम की खेती, जिमीकंद की खेती, प्याज़ की उपज कैसे बढ़ाए, औषदि फसलों की खेती, जुकिनी की खेती, ड्रैगन फ्रूट की खेती, बैंगन की खेती, भिंडी की खेती, टमाटर की खेती, गर्मी में मूंग की खेती, आम की खेती, नीबू की खेती, अमरुद की खेती, पूसा अरहर 16 अरहर क़िस्म, स्ट्रॉबेरी की खेती, पपीते की खेती, मटर की खेती, शक्ति वर्धक हाइब्रिड सीड्स, लहसुन की खेती। मूंग के प्रमुख कीट एवं रोकथाम, सरसों की स्टार 10-15 किस्म स्टार एग्रीसीड्स, अफीम की खेती, अफीम का पत्ता कैसे मिलता है?

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औषधीय पौधों का महत्व

11 अप्रैल 2024, भोपाल: औषधीय पौधों का महत्व – औषधीय पौधों को भोजन, औषधि, खुशबू, स्वाद, रंजक और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में अन्य मदों के रूप में उपयोग किया जाता है। औषधीय पौधों का महत्व उसमें पाए जाने वाले रसायन

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मूंग की अनुशंसित किस्में कौन सी है

11 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग की अनुशंसित किस्में कौन सी है – मूंग की अनुशंसित किस्मों में प्रचलित है केएम-2195 स्वाती, आईपीयू-1026, 11-02, 13-01, गंगा-8, टीजेएन-3, पीकेवीएकेएम-4, आईपीएम-205-7 (विराट), 410-3 (शिखा), टीजेएम-37, पीडीएम-139, हम-16, 12, पूसा-95-31, जेएम-731, पूसा विशाल, एसएमएल-668, सुकेती

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मूंग की कटाई, मड़ाई एवं भण्डारण कैसे करे

11 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग की कटाई, मड़ाई एवं भण्डारण कैसे करे – मूंग की फसल की जब 75-80 प्रतिशत फलियाँ पक जायें तो हंसिया की सहायता से कटाई कर लें तथा फसल को एक दो दिन के लिये खेत

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मूंग में कीट एवं खरपतवार प्रबंधन कैसे करें

11 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग में कीट एवं खरपतवार प्रबंधन कैसे करें – मूँग में रोग तथा नाशीजीव न केवल फसल को हानि पहुँचाते हैं, अपितु दानों की गुणवत्ता भी खराब करते हैं। मूँग के नाशजीवों के प्रभावी विनाश के लिए समेकित प्रबंधन विधियाँ अपनायें। बुवाई के

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मूंग में पानी / सिंचाई कितनी करें

11 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग में पानी / सिंचाई कितनी करें – ग्रीष्मकालीन मूंग सिंचित अवस्था में उगायी जाने वाली फसल है। क्योंकि मूंग जलभराव के प्रति संवेदनशील होती है अत: तुलनात्मक रूप से ढ़ालयुक्त और लेजऱ लेवल प्रक्षेत्र को ही मूंग की फसल के लिये

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मूंग में उर्वरक प्रबंधन कैसे करे; फर्टिलाइजर कितना डालें

11 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग में उर्वरक प्रबंधन कैसे करे; फर्टिलाइजर कितना डालें – मूंग में सिंचित अवस्था में, फॉस्फोरस की कमी युक्त मृदा में फॉस्फेट युक्त उर्वकों की आवश्यकता होती है। गेहूँ की कटाई के पश्चात् ग्रीष्मकालीन मूंग के

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मूंग बोने से पहले बीज उपचार कैसे करे

10 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग बोने से पहले बीज उपचार कैसे करे – मृदा व बीज जनित रोगों की रोकथाम और बेहतर उपज प्राप्त करने के लिये मूंग बीज को कवक रोधी जैव रासायनों राइजेबियम और फास्फोरस घुलित जीवाणु (पी.एस.बी.) से उपचारित किया जाना चाहिये। मृदा जनित

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मूंग बोने के लिए खेत की तैयारी कैसे करे

10 अप्रैल 2024, भोपाल: मूंग बोने के लिए खेत की तैयारी कैसे करे – मूंग बोने के लिए क्यारी की तैयारी उचित रूप से की जाये तो बीजों का अंकुरण और फसल का जमाव भली प्रकार से होता है। 2-3

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गर्मी में मूंग की बुआई का सही समय कब है

10 अप्रैल 2024, भोपाल: गर्मी में मूंग की बुआई का सही समय कब है – गर्मी (बसन्तकालीन) में मूँग की बुआई के लिए मार्च का पहला पखवाड़ा और ग्रीष्म ऋतु में बुवाई के लिए अप्रैल का प्रथम सप्ताह ठीक रहता है। हरियाणा, पश्चिमी, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 10 अप्रैल के बाद बुआई से बचना चाहिए क्योंकि उच्च तापमान और गर्म हवाएं मूँग में फूलने की अवस्था पर विपरीत प्रभाव डालती हैं और अन्तत: पैदावार कम होती है। इसी प्रकार देर से बोयी गयी फसल के परिपक्व होने के साथ ही समय से पूर्व आयी मानसूनी वर्षा पत्तों से संबधित अनेक बीमारियों का कारण बनती है।उत्तर प्रदेश में प्रचलित ग्रीष्म कालीन मूँग की गेहूँ और सरसों के साथ की गयी बुआई काफी सफल रही। जबकि देर से की गयी मूँग की बुआई (15 अप्रेल के बाद) के समय तापमान काफी ऊँचा रहता है और ग्रीष्म ऋतु की ऊष्मा और शुष्कता फूलों और फलियों को विपरीत रूप से प्रभावित करती है। (कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें) (नवीनतम कृषि

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राज्य कृषि समाचार (State News)फसल की खेती (Crop Cultivation)

पूसा अरहर 16 अरहर क़िस्म की बढ़ती मांग, कहाँ मिलेगा बीज

10 अप्रैल 2024, भोपाल: पूसा अरहर 16 अरहर क़िस्म की बढ़ती मांग, कहाँ मिलेगा बीज – पूसा अरहर 16 अरहर / तूर की किस्म किसानों  के बीच बड़ी लोकप्रिय हो रही है। लोकप्रिय होने का प्रमुख  कारण है, कम अवधि

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