समस्या – मृदा सूर्याकरण क्या होता है, उससे क्या लाभ होता है। विधि बतायें।

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– सुरेश पाटीदार, शाजापुर
समाधान- मृदा सूर्याकरण विधि खरपतवार कीट/रोग को समाप्त करने के लिये एक महत्वपूर्ण क्रिया है जिसे कड़ी धूप के दिनों में किया जाता है इसके लिये भूमि की ऊपरी सतह पर पालीथिन की चादर बिछा दी जाती है। यह कार्य टुकड़ों में किया जा सकता है। भूमि पर पालीथिन की चादर के कारण तापमान बढ़ जायेगा तथा खरपतवार के बीज झुलस जायेंगे। साथ-साथ कीट/रोगों के अवशेष  भी जलकर नष्ट हो जायेंगे। अनुसंधानों के परिणाम बताते हैं जिस भूमि पर सूर्याकरण क्रिया की गई है आने वाली फसल में खरपतवार करीब-करीब समाप्त हो जाते हैं। सब्जियों की फसल के क्षेत्र में यह विधि अधिक प्रायोगिक सिद्ध हुई है क्योंकि बड़े-बड़े खेतों में पालीथिन का उपयोग संभव नहीं हो पाता है।

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