विभिन्न फसलों में कीटनाशकों के उपयोग से हानि भी होती है कृपया कुछ महत्वपूर्ण कीटों के हानिस्तर के बारे में बतायें ताकि अंगीकरण किया जा सके।

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समाधान- आपका प्रश्न बहुत अच्छा है प्रति उत्तर का लाभ अन्य कृषकों को भी मिलेगा। वास्तविकता यह है कि फसलों में कीटों के अलावा मित्र कीट भी होते हैं उनकी क्रियाशीलता पर असमय कीटनाशकों का छिड़काव लाभ की जगह हानिकारक होता है। प्रमुख कीटों की आर्थिक सीमा निम्नानुसार है।

  • हरा मच्छर जो प्राय: हर फसल में हानिकारक होता है। उसके नियंत्रण के लिये पौध पर निरीक्षण करके देखें 5 से 10 कीट प्रति पौध यदि हो उसके बाद ही कीटनाशकों का उपयोग करें वो भी सिफारिश के अनुरूप हो तथा दवा/पानी की मात्रा भी संतुलित हो तब पूर्ण लाभ होगा। कृषकों के मार्गदर्शन हेतु कृषक जगत डायरी वर्ष 2014 में पृष्ठ क्रमांक 44 से 53 में इसकी जानकारी दी गई उसे जरूर पढ़ें और अंगीकरण करें।
  • माहो दूसरा कीट है जो सामान्य रूप से अनेक फसलों पर आता है तिलहनी फसल सरसों पर अधिक हानि करता है। इसके लिये प्रति पौध 6 से 10 माहो होने के बाद दवा का उपयोग करें।
  • चने की इल्ली जो विश्वविख्यात है की रोकथाम 1-3 इल्ली प्रति मीटर कतार देखने के बाद उपचार करें।
  • बालदार इल्ली भी विभिन्न फसलों पर आती है जो कि क्षति सीमा 1 इल्ली प्रति पौध है।
  • कपास की चितकबरी इल्ली की क्षति सीमा 10 प्रतिशत प्रकोपित पौध है।
  • सफेद मक्खी जो वर्ष भर विभिन्न फसलों को हानि पहुंचाती है की क्षति सीमा 6: 8 मक्खी प्रति पौध है।
  • पत्ती मोडक कीट की क्षति सीमा 2 इल्ली प्रति पौध है।

– शंकरलाल चौधरी, बगढाल

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