मैंने टमाटर का रोपा डाला है। छोटे-छोटे पौध सूख रहे हैं कारण तथा उपाय बतायें।

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समाधान– आपके टमाटर की रोपणी में आद्र्रगलन रोग आया है जो दो प्रकार की फफूंदी से आता है। दोनों फफूंदी भूमिगत होती है यदि बीज का उपचार करके रोपणी डाली होती तो शायद आपको इसका सामना नहीं करना पड़ता यह रोग भूमि से पौध और पौध से अंकुरण को भी प्रभावित करता है। आप निम्न तकनीकी अपनायें।

  • रोपणी के स्थान को प्रतिवर्ष बदलते रहें क्योंकि रोग कारक कवक उसी स्थान पर अपना परिवार बढ़ाते रहती है।
  • रोपणी में बीज बुआई के 15 दिन पहले फार्मेलिन नामक दवा से भूमि उपचार करें एक भाग फार्मेलिन में 7 भाग पानी मिलाकर नर्सरी में अच्छी तरह छिड़काव करें तथा 7 दिनों तक पॉलीथिन से ढंककर रखें।
  • रोपणी में 7-10 इंच घास की परत डालकर उसे जलाये ताकि गरमी से कवक की छिपी फफूंद समाप्त हो जाये।
  • बीज को 2 ग्राम थाईरम/किलो बीज का उपचार करें। द्य रोपणी में अधिक बीज का उपयोग नहीं करें।

– सुशील पवार, भैंसदेही

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