राज्य कृषि समाचार (State News)

विश्व जल दिवस 2026: पटना में किसानों को बताए जल प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय

23 मार्च 2026, पटना: विश्व जल दिवस 2026: पटना में किसानों को बताए जल प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय –  बदलते जलवायु परिदृश्य और घटते जल संसाधनों के बीच किसानों को पानी के कुशल उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान, नई दिल्ली के साथ मिलकर विश्व जल दिवस 2026 का आयोजन किया। इस वर्ष का विषय “जल और लैंगिक समानता” रहा, जिसमें खेती में जल प्रबंधन और महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि की स्थिरता के लिए जल का प्रभावी प्रबंधन अनिवार्य हो गया है। उन्होंने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई और रेज्ड बेड खेती जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी, जिससे जल उपयोग दक्षता बढ़ाई जा सके। साथ ही उन्होंने फसल विविधीकरण, विशेषकर मोटे अनाज और दलहनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बढ़ती जल चुनौतियों से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी और नवाचार आधारित दृष्टिकोण जरूरी है। उन्होंने जल के समान और कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।

इससे पहले स्वागत भाषण में डॉ. पी.सी. चंद्रन ने पशुपालन में जल संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए इसे सतत कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ा। वहीं डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने सूक्ष्म सिंचाई, वर्षा जल संचयन , डॉ. कमल शर्मा ने पशुपालन एवं मत्स्य पालन में जल प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने की सलाह दी।

डॉ. शिवेंद्र कुमार ने मत्स्य क्षेत्र पर , डॉ. अजय कुमार ने और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने किसानों के लिए उपयोगी विषयों पर जानकारी साझा की। डॉ. संतोष एस. माली ने सौर ऊर्जा आधारित जल प्रबंधन तकनीक, डॉ. राकेश कुमार ने धान-परती क्षेत्रों में जल प्रबंधन के प्रभावी उपायों और  डॉ. आरती कुमारी ने सेंसर आधारित सिंचाई प्रणालियों को भविष्य की उन्नत खेती के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण किसान–वैज्ञानिक संवाद सत्र रहा, जिसमें किसानों ने अपनी समस्याएं सीधे विशेषज्ञों के सामने रखीं और व्यावहारिक समाधान प्राप्त किए। इस दौरान किसानों को जल पंप, दूध केन और ‘स्वर्ण श्रेया’ जैसी उन्नत किस्मों सहित विभिन्न कृषि आदान भी वितरित किए गए।

धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आरती कुमारी ने किया। संस्थान के मीडिया सदस्य सचिव श्री उमेश कुमार मिश्र के अनुसार कार्यक्रम में लगभग 140 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें गया और अररिया जिलों के करीब 80 किसान शामिल थे।

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