राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने रचा इतिहास: 31 जिलों में ₹5000 करोड़ का दुग्ध व्यवसाय, रोज़ 10 लाख लीटर दूध संग्रह

26 मार्च 2026, नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने रचा इतिहास: 31 जिलों में ₹5000 करोड़ का दुग्ध व्यवसाय, रोज़ 10 लाख लीटर दूध संग्रह – उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं ने दुग्ध उत्पादन और संग्रह के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य सरकार की योजनाओं और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते लाखों महिलाएं आज आर्थिक रूप से सशक्त बनकर उभर रही हैं।

राज्य के 31 जिलों में सक्रिय महिला समूह प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर दूध का संग्रह कर रहे हैं। इससे करीब ₹5000 करोड़ का दुग्ध व्यवसाय खड़ा हुआ है, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित की है।

इस पहल से 6,000 से अधिक गांवों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से संगठित ये महिलाएं दूध संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन जैसे पूरे वैल्यू चेन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

यह मॉडल न केवल महिलाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि उन्हें उद्यमी के रूप में भी स्थापित कर रहा है। इससे गांवों से पलायन में कमी आ रही है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग के साथ यह नेटवर्क आने वाले वर्षों में राज्य के डेयरी क्षेत्र को और आगे ले जाने की क्षमता रखता है।

राज्य में महिला-नेतृत्व वाली मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां (MPCLs) इस परिवर्तन की मुख्य ताकत बनकर उभरी हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘बालिनी MPCL’ बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर और महोबा में कार्यरत है।

पूर्वांचल में ‘काशी MPCL’ बलिया, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र और वाराणसी जिलों में सक्रिय है। ‘समर्थ्य MPCL’ प्रतापगढ़, रायबरेली, सुल्तानपुर, अयोध्या, फतेहपुर, अमेठी और कानपुर नगर में महिलाओं को सशक्त बना रही है।

गोरखपुर मंडल में ‘श्री बाबा गोरखनाथ कृपा MPCL’ देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर और महाराजगंज में कार्य कर रही है, जबकि तराई क्षेत्र में ‘सृजन MPCL’ बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जिलों में नए अवसर पैदा कर रही है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements