राज्य कृषि समाचार (State News)

विदिशा का ई-उर्वरक मॉडल बना मिसाल, 90% किसानों को मिला समय पर खाद, दूसरे राज्यों की भी बढ़ी दिलचस्पी

23 मार्च 2026, विदिशा: विदिशा का ई-उर्वरक मॉडल बना मिसाल, 90% किसानों को मिला समय पर खाद, दूसरे राज्यों की भी बढ़ी दिलचस्पी – बिहार एवं दिल्ली राज्य के कृषि अधिकारियों के लगभग 15 सदस्यीय दल ने विदिशा जिले का भ्रमण कर यहां लागू की गई ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली का गहन अध्ययन किया। मध्य प्रदेश शासन द्वारा 1 अक्टूबर 2025 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तीन जिलों में शुरू की गई इस प्रणाली का विदिशा में सफल क्रियान्वयन हुआ है, जो अब अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बनता जा रहा है।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि रबी सीजन में जिले के लगभग 90 प्रतिशत कृषकों ने ई-उर्वरक टोकन वितरण प्रणाली के माध्यम से उर्वरक प्राप्त किया।    इस प्रणाली के तहत किसानों को पारदर्शी, सुगम एवं समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया गया। विशेष बात यह रही कि जिले में उर्वरकों की होम डिलीवरी व्यवस्था का भी सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया, जिससे किसानों को अतिरिक्त सुविधा मिली। अधिकारियों के दल ने किसानों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव साझा किए। किसानों ने इस नई व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं समय की बचत करने वाली बताते हुए संतोष व्यक्त किया।

दल ने विपणन संघ के भंडारण केंद्र रामलीला गोदाम , इमलाई सेवा सहकारी समिति तथा रमन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के होलसेल एवं रिटेल पॉइंट का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ई-टोकन बुकिंग से लेकर बुकिंग उपरांत उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा और समझा। भ्रमण के अंत में अधिकारियों ने विदिशा जिले में किए गए इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों में लागू करने की संभावनाओं पर सकारात्मक संकेत दिए। यह पहल न केवल किसानों को सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित कर रही है।

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