राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: गेहूं का MSP ₹160 बढ़ाकर ₹2585, 30 मार्च से शुरू होगी खरीद

24 मार्च 2026, भोपालउत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: गेहूं का MSP ₹160 बढ़ाकर ₹2585, 30 मार्च से शुरू होगी खरीद – उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को लागू किया है। इसके साथ ही राज्य में गेहूं खरीद प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। यह फैसला सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसमें कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष ₹2425 प्रति क्विंटल था। इस प्रकार किसानों को प्रति क्विंटल ₹160 का सीधा लाभ मिलेगा।

6500 क्रय केंद्रों पर होगी खरीद

राज्य में इस बार 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से खाद्य विभाग सहित कुल 8 एजेंसियां गेहूं की खरीद करेंगी। इनमें भारतीय खाद्य निगम (FCI), यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं। सभी क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिलाधिकारी समय में बदलाव कर सकेंगे।

50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

सरकार ने इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। पहले यह लक्ष्य 30 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था, लेकिन बेहतर उत्पादन की संभावना को देखते हुए इसे बढ़ाया गया है। राज्य में इस वर्ष लगभग 95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है और कुल उत्पादन 425 लाख टन होने का अनुमान है।

किसानों को अतिरिक्त लाभ

सरकार ने किसानों को उतराई, छनाई और सफाई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अतिरिक्त देने का भी निर्णय लिया है। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी और उन्हें बेहतर लाभ मिलेगा। इसके अलावा, किसानों को गेहूं का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

इस बार गेहूं खरीद पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत की जाएगी। क्रय केंद्रों पर ई-पॉइंट ऑफ परचेज (e-PoP) मशीनों के माध्यम से किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। मोबाइल क्रय केंद्रों पर होने वाली खरीद में लोकेशन (अक्षांश-देशांतर) भी रिकॉर्ड की जाएगी।

बटाईदार और ट्रस्ट को भी मौका

सरकार ने बटाईदार किसानों को भी बड़ी राहत दी है। वे पंजीकरण कराकर सीधे गेहूं बेच सकेंगे। इसके अलावा पंजीकृत ट्रस्ट भी अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से गेहूं बेच सकेंगे, जिनका भुगतान ट्रस्ट के बैंक खाते में किया जाएगा।

गेहूं बिक्री के लिए किसानों का पंजीकरण तेजी से जारी है। अब तक करीब 1.95 लाख किसान पंजीकरण करा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य योजना से जोड़ना है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक हानि न हो। डिजिटल सिस्टम, समयबद्ध भुगतान और व्यापक खरीद नेटवर्क के जरिए किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया है। 

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