राज्य कृषि समाचार (State News)

मुख्यमंत्री ने मंदसौर में 1.17 लाख किसानों को अंतरित की 200 करोड़ की भावांतर राशि

30 जनवरी 2026, इंदौर: मुख्यमंत्री ने मंदसौर में 1.17 लाख किसानों को अंतरित की 200 करोड़ की भावांतर राशि – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मौसम कोई भी हो, किसानों को हमेशा अपने खेत-खलिहान की ही चिंता रहती है। फसल अच्छी हो, तो पूरे साल की हरियाली… पर किसी वजह से कम पैदावार हो जाए, कीड़ा लग जाए, ओला-पाला से फसल खराब हो जाए, तो फिर पूरे साल का सूखा। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, इन्हें कोई भी परेशानी हो, कठिनाई हो, तो हमारी सरकार किसानों का संबल और इनकी ढाल बनकर हमेशा साथ खड़ी है। किसान हमारी संस्कृति का आधार हैं, हमारी धरोहर हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना, इनके खेत, खलिहानों और घरों में समृद्धि लाना ही हमारा एकमात्र ध्येय है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए सरकार का प्रयास है। यह योजना किसानों के कठिन तप, साधना और समर्पण का सम्मान है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रूपए की भावांतर राशि अंतरित की।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि योजना के प्रारंभ से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को हमारी सरकार लगभग 1500 करोड़ रूपए की भावांतर राशि सोयाबीन उत्पादक किसानों को दे चुकी है। आज जिन किसानों को भावांतर की राशि मिली है, उसमें मंदसौर‍जिले के किसान भी शामिल हैं। मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को लगभग 43 करोड़ रूपए की भावांतर राशि मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना में मंदसौर जिले के 5 किसान श्री रघुवीर सिंह को 95 हजार रूपए, श्री मुकेश पाटीदार को 73 हजार रूपए, श्री ओमकार सिंह को 64 हजार रूपए सहित श्री रामदयाल और श्री जगदीशचंद्र पाटीदार को भी भावांतर राशि के चेक भी सौंपे।

मध्यप्रदेश पहला राज्य, जिसने देश में सबसे पहले लागू की भावांतर योजना –  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने किसानों के हित में सबसे पहले भावांतर की राशि को शासकीय व्यवस्था से भुगतान करने की योजना लागू की। इस योजना से प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिला है। । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों के पसीने, उनके धैर्य और अटूट परिश्रम से ही है। हम हर अन्नदाता को उसकी मेहनत का पूरा दाम दिलाएंगे।

सरसों और मूंगफली की फसल को भी लाएंगे भावांतर योजना के दायरे में –    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के धरतीपुत्र किसानों ने अपनी मेहनत से भारी मात्रा में अनाज उत्पादन कर प्रदेश का देश में मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से उपज में वैल्यू एडीशन करने से जोड़ा है। अब हमारे प्रदेश का किसान खुद अपनी उपज की प्रोसेसिंग करेगा, जिससे उसे उसकी उपज का भरपूर दाम मिलेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाते हुए उनकी समृद्धि में कोई कमी नहीं रहने देगी। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को भावांतर योजना से फसल का समुचित दाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार आने वाले सालों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आएगी।

कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भरपूर लाभ –    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में भी विशेष स्थान रखता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार में कपास उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलवाने के लिए देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। इससे 6 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने प्रदेश के गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुगम होने से किसानों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौर की भूमि उपजाऊ है, यहां की लहसुन विश्व प्रसिद्ध है।

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