राजस्थान: एग्रीटेक मीट ‘ग्राम-2026’ वर्कशॉप में कृषि नवाचार, तकनीक और उद्यमिता पर जोर
12 अप्रैल 2026, जयपुर: राजस्थान: एग्रीटेक मीट ‘ग्राम-2026’ वर्कशॉप में कृषि नवाचार, तकनीक और उद्यमिता पर जोर – राजस्थान में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, नवाचार और निवेश से जोड़ते हुए उसे आत्मनिर्भर और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में कृषि विभाग और समिट पार्टनर फेडेरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ कर्टेन रेज़र एवं ओरिएंटेशन वर्कशॉप का शुक्रवार को सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विशेषज्ञों ने कृषि में नवाचार, तकनीकी उन्नयन, उद्यमिता और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया ताकि राज्य का एग्रीटेक इकोसिस्टम सुदृढ़ हो और किसानों को अधिक अवसर एवं संसाधन उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, एफपीओ एवं प्रगतिशील किसानों की उल्लेखनीय सहभागिता रही, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में संभावनाओं और साझेदारी के नए आयामों पर सार्थक विचार-विमर्श किया।
‘ग्राम–2026’ फिल्म का प्रदर्शन
इस अवसर पर डॉ. किरोड़ीलाल ने कहा कि राज्य सरकार कृषि निवेश, निर्यात-उन्मुख उत्पादन और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा विशेष ध्यान मोटे अनाज, बागवानी, प्रिसिजन फार्मिंग और जल संरक्षण तकनीकों पर है, जो राजस्थान को वैश्विक कृषि व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनाने में सहायक है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्राम’ का लोगो तथा ब्रोशर अनावरण तथा ‘ग्राम–2026’ फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें आयोजन की व्यापक रूपरेखा और उससे जुड़ी संभावनाओं को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
किसानों, एग्रीटेक कंपनियों, स्टार्टअप्स एक ही मंच पर
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव, कृषि श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम 2026) मुख्यमंत्री जी की दूरदृष्टि का उदाहरण है जो कि राज्य में कृषि को एक समग्र इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मंच किसानों, एग्रीटेक कंपनियों, स्टार्टअप्स और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाकर ज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रभावी आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा। हमें विश्वास है कि इस प्रकार के समन्वित प्रयासों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि कृषि क्षेत्र में निवेश, उद्यमिता और तकनीकी अपनाने को भी नई गति मिलेगी, जिससे राजस्थान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक सशक्त एग्रीटेक हब के रूप में उभरेगा।
तकनीक और निवेश पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम के तहत आयोजित ओरिएंटेशन सत्रों में “कृषि में नवाचार एवं उन्नत तकनीक” तथा “कृषि में उद्यमिता एग्री स्टार्टअप, एनजीओ एवं एफपीओ की भूमिका” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। विभिन्न सत्रों में नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कृषि क्षेत्र में सहयोग, निवेश एवं तकनीकी अपनाने के अवसरों पर विचार रखे, जिससे यह मंच संवाद और साझेदारी का सशक्त माध्यम बनकर उभरा।
प्रथम सत्र “कृषि में नवाचार एवं उन्नत तकनीक” पर बात करते हुए कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने राजस्थान को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट और दूरदर्शी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि कृषि में टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट लाना प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों और कृषि विभाग के बीच कम्युनिकेशन गैप कम करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा मधुमक्खी पालन, स्प्रिंकलर सिस्टम और इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही समय-समय पर मिट्टी की जांच कराने की सलाह दी गई।
प्रगतिशील किसान प्रतिनिधि श्री मोहनलाल मीणा ने खेती में सावधानी और फसल-विशिष्ट प्रबंधन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जब किसान खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाएगा, तभी वास्तविक प्रगति संभव होगी। वहीं, अपना गोदाम के सीईओ एवं फाउंडर संजय अग्रवाल ने कृषि उत्पादों की बिक्री में पारदर्शिता लाने के लिए विकसित ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और प्राइस लॉक सुविधा वाले ऐप की जानकारी दी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
डिजिटल तकनीक और उद्यमिता को बढ़ाव
दूसरे सत्र में “कृषि में उद्यमिता एग्री स्टार्टअप, एनजीओ एवं एफपीओ की भूमिका” विषय पर बात करते हुए ‘बेसिक फूड स्टूडियो’ की को फाउंडर तथा सीईओ तनुश्री सिंह ने एक फूड कंपनी के रूप में उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने और स्टार्टअप स्तर पर बाजार की मांग के अनुसार निरंतर इनोवेशन पर जोर दिया। फ्रेशेकार्ट्स एग्री प्रोडक्ट्स के फाउंडर राजेंद्र लोढ़ा ने कहा कि सरकार स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न सुविधाएं और सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे नए उद्यमों को विकसित होने का अवसर मिल रहा है।
वर्डेंट इंपैक्ट के फाउंडर एवं सीईओ मनीष कुमार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर नई पीढ़ी, को खेती की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता बताई। वहीं एफईइस एनजीओ के प्रतिनिधि शांतनु राय ने कहा कि राजस्थान की जीडीपी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कृषि से आता है और उनकी संस्था गांवों में जागरूकता बढ़ाकर सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने सॉयल क्रेडिट, ब्राउन क्रेडिट और वॉटर क्रेडिट जैसे कॉन्सेप्ट्स पर भी जोर दिया, जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देते हैं।
देश के चार प्रमुख शहरों में होगा रोड शो
ग्राम–2026 के प्रचार प्रसार हेतु चार रोड शो का आयोजन देश के चार प्रमुख शहरों 17 अप्रैल को नई दिल्ली, 24 अप्रैल को अहमदाबाद, 6 मई को हैदराबाद और 8 मई को पुणे में आयोजित किया जा रहे हैं। अंत में ईआईएमए एग्रीमेक एवं फार्म मैकेनाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष एवं टीएएफई लिमिटेड के डायरेक्टर टी. आर. केसवन ने कहा कि “आज के इस महत्वपूर्ण सत्र में कृषि यंत्रीकरण और नवाचार को लेकर साझा किए गए विचार निश्चित रूप से किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।”
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव, कृषि श्रीमति श्रीमती मंजू राजपाल एवं ईआईएमए एग्रीमेक एवं फार्म मैकेनाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष एवं टीएएफई लिमिटेड के डायरेक्टर श्री टी. आर. केसवन मौजूद रहे।
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