नरसिंहपुर: पशुपालन की सेवाओं में डिजिटल क्रांति
07 अप्रैल 2026, नरसिंहपुर: नरसिंहपुर: पशुपालन की सेवाओं में डिजिटल क्रांति – उप संचालक पशुपालन विभाग डॉ. सुनील बृजपुरिया ने बताया कि पशुपालन विभाग की सेवाओं में पारदर्शिता लाने और योजनाओं का वास्तविक लाभ सीधे पशुपालकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से शासन ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी में बदलाव किया है। 1 अप्रैल 2026 से जिले के समस्त पशु चिकित्सालयों और उप-केंद्रों में कृत्रिम गर्भाधान- एआई और एफएमडी टीकाकरण के लिए ओटीपी आधारित नई व्यवस्था शुरू हो गई है।
उप संचालक ने बताया कि शासन की इस नई नीति के तहत अब पशुपालकों के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करने के बाद ही कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण की प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। इस तकनीक कदम का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाना और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना है। डॉ. बृजपुरिया ने बताया कि विभाग के सभी डॉक्टर, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी-एव्हीएफओ, गौ-सेवक और मैत्री कार्यकर्ता के द्वारा किए गए कार्यों की दैनिक प्रविष्टि भारत पशुधन ऐप पर करेंगे। इस ऐप के माध्यम से कार्यों की उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को अपने पशुओं के रिकॉर्ड के साथ अपना आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर अपडेट कराना अनिवार्य है। टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान के समय मोबाइल पर एक गुप्त कोड-ओटीपी आएगा। जब तक यह कोड संबंधित कार्यकर्ता को नहीं बताएंगे, तब तक ऑनलाइन पोर्टल पर कार्य की एंट्री नहीं हो पाएगी। इस प्रक्रिया के बाद पशुपालक का डाटा सुरक्षित रहेगा और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
उप संचालक डॉ. बृजपुरिया ने समस्त पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे इस तकनीकी सुधार में विभाग का सहयोग करें। जब भी कोई टीकाकरण दल या कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता आपके द्वार पर आए, तो मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी उन्हें आवश्यक रूप से उपलब्ध कराएं ताकि आपके पशुधन का रिकॉर्ड सुरक्षित और अपडेट रह सके।
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