उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक कृषक उत्पादक संगठन बनें

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कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के साथ एफ.पी.ओ. को जोड़ते हुए इन संस्थाओं को नॉलेज पार्टनर बनाया जाए

01 सितंबर 2020, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक कृषक उत्पादक संगठन बनें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष गत दिवस उत्तर प्रदेश कृषक उत्पादक संगठन नीति-2020 का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक कृषक उत्पादक संगठनों का गठन किया जाए। यह प्रयास किया जाए कि प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर एक कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ) का गठन हो। उन्होंने कहा कि एफ.पी.ओ. के अधिकाधिक गठन से कृषि क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण और किसानों के कल्याण व प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के साथ एफ.पी.ओ. को जोड़ते हुए इन संस्थाओं को नॉलेज पार्टनर बनाया जाए। इनके परस्पर समन्वय से बेहतर परिणाम निकलेंगे। उन्होंने इस अवसर पर एम.एस.एम.ई., ओ.डी.ओ.पी., उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेयरी उद्योग आदि से भी कृषक उत्पादक संगठनों से जोड़ते इन क्षेत्रों को और सुदृढ़ किये जाने की रणनीति बनाये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठनों के गठन उनके क्रिया-कलापों की समीक्षा करते हुए इस सम्बन्ध में आ रही चुनौतियों और कठिनाइयों को दूर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि व आर्थिक उन्नति में एफ.पी.ओ. की महत्वपूर्ण भूमिका है। लघु एवं सीमान्त श्रेणी के कृषकों को कम लागत में कृषि निवेशों की व्यवस्था, नवीनतम तकनीक अपनाकर उच्च उत्पादन, बेहतर मूल्य प्राप्त करने हेतु समुचित विपणन व्यवस्था तथा कृषकों की आय में वृद्धि करने में उत्तर प्रदेश कृषक उत्पादक संगठन नीति कारगर होगी। इस नीति से एफ.पी.ओ. को बढ़ावा मिलेगा। कृषि उत्पादों के विपणन में आ रही बाधाओं का समुचित निदान हो सकेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश कृषक उत्पादक संगठन नीति-2020 का प्रस्तुतीकरण करते हुए कृषक उत्पादक संगठनों के गठन/विकास की प्रक्रिया, उनके संचालन सहित प्रबन्धन एवं गवर्नेंस सपोर्ट के सम्बन्ध में जानकारी दी।

प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्य सचिव आर.के. तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव एम.एस.एम.ई. नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव उद्यान बी.एल. मीना, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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