प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में सुरक्षित है भविष्य : प्रधानमंत्री श्री मोदी

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प्रधानमंत्री ने कूनो नेशनल पार्क में छोड़े अफ्रीकन चीते

17 सितम्बर 2022, भोपाल: प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में सुरक्षित है भविष्य : प्रधानमंत्री श्री मोदी – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में नेशनल पार्क कूनो में अफीक्रा के नामीबिया से लाये गये चीतों को छोड़ कर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में चीतों की वापसी से अब जैव विविधता की टूटी कड़ी पुन: जुड़ गई है। भारत की प्रकृति प्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जाग्रत हो गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राष्ट्रीय अभ्यारण्य में चीतों को छोड़ कर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज दुनिया की पहली बड़े जंगली मांसाहारी जीव की अंतर-महाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना का चीता प्रोजेक्ट के अंतर्गत शुभारंभ किया और उन्होंने फोटो भी लिए ।

चीतों को यहाँ के वातावरण में ढलने के लिये देना होगा समय

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के सरंक्षण में ही हमारा भविष्य सुरक्षित है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि चीतों को यहाँ के वातावरण में ढ़लने के लिये समय देना है। तब तक हमें धैर्य रखना होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह यादव, केन्द्रीय नागरिक उड्यन एवं इस्पाल मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अश्विनी चौबे, प्रदेश के वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की गरिमामयी मौजूदगी में लीवर घुमाकर चीतों को छोड़ा गया। मुक्त होते ही चीते सुरक्षा के लिहाज से तैयार किये गये बाड़े में विचरण करने लगे।

ईको सिस्टम पुनर्जीवित होगा

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि विकास और समृद्धि के लिये प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण भी जरूरी है। इसी से हमारा भविष्य भी सुरक्षित होता है। दुनिया जब प्रकृति और पर्यावरण की ओर देखती है तो सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात करती है। हमारे लिये प्रकृति, पर्यावरण, पशु-पक्षी सिर्फ सस्टेनेबिलिटी और सिक्युरिटी न होकर सेन्सीबिलिटी और स्प्रिच्युलिटी के आधार भी है। आज सौभाग्य से हमारे सामने एक ऐसा ही क्षण है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में जब चीते फिर से दौड़ेंगे तो मैदानी ईको-सिस्टम फिर से पुनर्जीवित होगा, जैव विविधता बढ़ेगी, ईको-टूरिज्म बढ़ेगा, विकास की नई संभावनाएँ जन्म लेंगी और क्षेत्रवासियों के लिये रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

फोटोग्राफी और चीता मित्रों से किया संवाद

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत भूमि पर 70 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पुर्नस्थापित किये जाने वाले चीतों की मुक्ति के एतिहासिक पलों को अपने कैमरे से कैद किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चीतों की सुरक्षा के लिये तैनात किये गये चीता मित्रों से संवाद भी किया। चीतों की सुरक्षा के लिये आसपास के 10 गाँव के 457 चीता मित्र तैनात किये गये हैं।

महत्वपूर्ण खबर: बकरी पालन और जैविक खेती कर युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्त्रोत – टीवी रिपोर्टर हिमांशु विश्वकर्मा

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