राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्रीष्मकालीन बुवाई 2026 की शुरुआत सकारात्मक; 20 फरवरी तक 21.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई

24 फरवरी 2026, नई दिल्ली: ग्रीष्मकालीन बुवाई 2026 की शुरुआत सकारात्मक; 20 फरवरी तक 21.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई – देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। 20 फरवरी 2026 तक कुल 21.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 20.38 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार चालू वर्ष में 0.92 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं।

वर्ष 2022-23 से 2024-25 के औसत के आधार पर ग्रीष्मकालीन फसलों का सामान्य क्षेत्र 75.37 लाख हेक्टेयर है। वर्ष 2025 में ग्रीष्मकालीन फसलों का अंतिम क्षेत्र 83.92 लाख हेक्टेयर रहा था, जो सामान्य क्षेत्र से अधिक था।

धान की बुवाई स्थिर

धान की बुवाई 17.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के बराबर है। धान का सामान्य ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 31.49 लाख हेक्टेयर है, जबकि वर्ष 2025 में अंतिम क्षेत्र 33.28 लाख हेक्टेयर रहा था। शुरुआती चरण में धान की बुवाई का स्थिर रहना संकेत देता है कि प्रमुख सिंचित क्षेत्रों में बुवाई सामान्य गति से चल रही है।

दलहनों में बढ़ोतरी

दलहनों का कुल क्षेत्र 0.91 लाख हेक्टेयर रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 0.76 लाख हेक्टेयर से 0.15 लाख हेक्टेयर अधिक है। मूंग की बुवाई 0.59 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष के 0.56 लाख हेक्टेयर से अधिक है। उड़द का क्षेत्र 0.25 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले वर्ष यह 0.19 लाख हेक्टेयर था। अन्य दलहनों का क्षेत्र 0.07 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष 0.01 लाख हेक्टेयर था।

दलहनों का सामान्य ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 23.40 लाख हेक्टेयर है और वर्ष 2025 में अंतिम क्षेत्र 27.07 लाख हेक्टेयर रहा था।

श्री अन्न एवं मोटे अनाज में विस्तार

श्री अन्न एवं मोटे अनाज का कुल क्षेत्र 1.38 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 1.08 लाख हेक्टेयर से 0.30 लाख हेक्टेयर अधिक है। ज्वार का क्षेत्र 0.04 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले वर्ष यह 0.03 लाख हेक्टेयर था। बाजरा 0.12 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, जो पिछले वर्ष के 0.14 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है। रागी का क्षेत्र 0.15 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष 0.02 लाख हेक्टेयर था। छोटे मिलेट्स का क्षेत्र 0.01 लाख हेक्टेयर है। मक्का 1.06 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, जो पिछले वर्ष के 0.89 लाख हेक्टेयर से अधिक है।

इस श्रेणी का सामान्य क्षेत्र 12.08 लाख हेक्टेयर है, जबकि वर्ष 2025 में अंतिम क्षेत्र 14.06 लाख हेक्टेयर रहा था।

तिलहनों में तेज वृद्धि

तिलहनों का कुल क्षेत्र 1.24 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 0.77 लाख हेक्टेयर से 0.46 लाख हेक्टेयर अधिक है। मूंगफली 1.04 लाख हेक्टेयर में बोई गई है, जो पिछले वर्ष के 0.60 लाख हेक्टेयर से काफी अधिक है। सूरजमुखी 0.07 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, जो पिछले वर्ष 0.06 लाख हेक्टेयर था। तिल का क्षेत्र 0.12 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले वर्ष के बराबर है। अन्य तिलहनों का क्षेत्र 0.01 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है।

तिलहनों का सामान्य ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 8.40 लाख हेक्टेयर है, जबकि वर्ष 2025 में अंतिम क्षेत्र 9.51 लाख हेक्टेयर रहा था।

कुल स्थिति

कुल मिलाकर 20 फरवरी 2026 तक 21.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई हो चुकी है। दलहन, मोटे अनाज और तिलहन में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि धान का क्षेत्र स्थिर है। आगामी सप्ताहों में सिंचाई की उपलब्धता और मौसम की स्थिति के आधार पर बुवाई का रकबा और बढ़ने की संभावना है।

20.02.2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के अंतर्गत क्षेत्र प्रगति (क्षेत्रफल : लाख हेक्टेयर में)

क्रमांकफसलसामान्य ग्रीष्म क्षेत्र (DES)*अंतिम ग्रीष्म क्षेत्र 2025चालू वर्ष 2026पिछले वर्ष की समान अवधि 2025वृद्धि/कमी
1धान31.4933.2817.7817.780.00
2दलहन23.4027.070.910.760.15
aमूंग20.4423.490.590.560.03
bउड़द2.963.580.250.190.06
cअन्य दलहन0.000.070.010.00
3श्री अन्न एवं मोटे अनाज12.0814.061.381.080.30
aज्वार0.340.360.040.030.02
bबाजरा4.435.200.120.14-0.03
cरागी0.310.150.020.13
dछोटे मिलेट्स0.020.010.000.01
eमक्का6.988.501.060.890.17
4तिलहन8.409.511.240.770.46
aमूंगफली3.404.201.040.600.44
bसूरजमुखी0.340.350.070.060.01
cतिल4.664.960.120.120.00
dअन्य तिलहन0.000.010.000.01
कुल75.3783.9221.3020.380.92

सामान्य क्षेत्र वर्ष 2022-23 से 2024-25 के औसत पर आधारित है।

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