राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बारिश-ओलावृष्टि से रबी फसलों फसलों पर संकट; मंत्री शिवराज सिंह ने फसल नुकसान के आकलन और बीमा क्लेम पर जोर दिया

21 मार्च 2026, नई दिल्ली: बारिश-ओलावृष्टि से रबी फसलों फसलों पर संकट; मंत्री शिवराज सिंह ने फसल नुकसान के आकलन और बीमा क्लेम पर जोर दिया – बारिश और ओलावृष्टि की वजह से कई राज्यों में रबी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में कृषि क्षेत्र की समग्र स्थिति की समीक्षा की। बैठक में फसल नुकसान, किसानों की तत्काल जरूरतों, बीमा क्लेम प्रक्रिया और राहत व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने साफ कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि नुकसान का सही और वैज्ञानिक आकलन कर किसानों को समय पर मदद पहुंचाने पर भी है।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि या अन्य खराब मौसम से फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां तुरंत क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट कराए जाएं और नुकसान का सही आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से सर्वे किया जाए, ताकि किसानों के बीमा क्लेम बिना देरी के पूरे हो सकें और उन्हें राहत के लिए इंतजार न करना पड़े। साथ ही मौसम विभाग की ओर से आगे और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना को देखते हुए किसानों को समय पर सलाह देने पर भी जोर दिया गया।

मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार फसल सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की आय स्थिर रखने पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में गेहूं और धान की खरीद शुरू होगी और दलहन फसलों—तुअर, मसूर और उड़द—की भी बड़े स्तर पर MSP पर खरीद की जाएगी, ताकि किसानों को सही दाम मिल सके और उन्हें बाजार में नुकसान न उठाना पड़े।

फसल-क्षति का वैज्ञानिक आकलन और त्वरित राहत

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फसल नुकसान का आकलन वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इसके लिए फील्ड स्तर पर क्रॉप कटिंग प्रयोग कराए जाएंगे और वास्तविक नुकसान के आधार पर ही बीमा क्लेम तैयार किए जाएंगे। लक्ष्य यह है कि हर प्रभावित किसान तक जल्दी और सही सहायता पहुंचे।

मौसम जोखिम और तैयारी पर फोकस

बैठक में मौसम पूर्वानुमान और संभावित जोखिमों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को समय-समय पर सलाह दें और ऐसी योजना बनाएं जिससे मौसम के खतरे को कम किया जा सके। केंद्र और राज्य मिलकर इस दिशा में काम करेंगे।

MSP पर खरीद और दलहन पर जोर

सरकार ने कहा कि इस बार रबी फसलों का उत्पादन अच्छा रहा है और गेहूं-धान के साथ दलहन की भी बड़े पैमाने पर खरीद की जाएगी। तुअर, मसूर और उड़द की खरीदी नेफेड जैसी एजेंसियों के माध्यम से भी की जाएगी, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम न मिले।

क्वालिटी सुधार पर जोर

अब सरकार केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि फसलों की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दे रही है। बेहतर किस्मों और बायो फोर्टिफाइड अनाज के जरिए किसानों को MSP से भी ज्यादा कीमत दिलाने की योजना है।

विकसित कृषि संकल्प अभियान और नई रणनीति

मंत्री ने “विकसित कृषि संकल्प अभियान” की तैयारियों की भी समीक्षा की। इसके तहत किसानों को उन्नत तकनीक, सही बीज और बेहतर खेती के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही, अब अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित कर फसलवार और राज्यवार रोडमैप तैयार किया जाएगा, ताकि बीज से लेकर बाजार तक किसानों को पूरा सहयोग मिल सके।

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