Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

35 रुपए किलो मिलेगा प्याज, कांदा एक्सप्रेस से 19 शहरों में बढ़ी सप्लाई; 3,400 किसानों को 210 करोड़ का भुगतान

02 सितंबर 2026, नई दिल्ली: 35 रुपए किलो मिलेगा प्याज, कांदा एक्सप्रेस से 19 शहरों में बढ़ी सप्लाई; 3,400 किसानों को 210 करोड़ का भुगतान – घरेलू बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और मौसमी कीमतों के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक की आपूर्ति तेज कर दी है। इसके लिए रेल और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा रहा है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत रखे गए प्याज के बफर स्टॉक की आपूर्ति 24 अगस्त 2026 से नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से शुरू की गई है।

कांदा एक्सप्रेस से दिल्ली और चेन्नई पहुंचा प्याज

इस पहल के तहत नासिक से कांदा एक्सप्रेस की दो खेपें भेजी गई हैं। पहली खेप में 450 मीट्रिक टन प्याज 27 अगस्त की देर रात दिल्ली पहुंचा। इसमें से 140 मीट्रिक टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया, जबकि बाकी प्याज दिल्ली-एनसीआर में वितरित किया गया। इसके बाद 840 मीट्रिक टन प्याज से लदी दूसरी रेलगाड़ी 31 अगस्त को चेन्नई पहुंची। तमिलनाडु सरकार की योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से जरूरत के अनुसार प्रति कार्ड 1 किलो प्याज वितरित करने की है।

सड़क मार्ग से भी 1,000 मीट्रिक टन प्याज की सप्लाई

रेल के साथ-साथ करीब 1,000 मीट्रिक टन प्याज सड़क मार्ग से भी प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 19 शहरों में खुदरा बिक्री का विस्तार किया है। इसके लिए 30 से अधिक ट्रक लगाए गए हैं। इन शहरों में दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भोजपुर, शरीफ, भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने लखनऊ में भी इस खुदरा पहल की शुरुआत की है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

35 रुपए किलो की दर से प्याज

एनसीसीएफ, नेफेड, केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज की खुदरा बिक्री 35 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। अब तक करीब 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री हो चुकी है। इसमें 223 मीट्रिक टन प्याज ई-नाम पोर्टल और इसी तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौजूदा मंडी कीमतों पर थोक चैनलों से बेचा गया, जबकि 446 मीट्रिक टन प्याज खुदरा केंद्रों के जरिए देशभर में बेचा गया।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

बफर स्टॉक से आपूर्ति बढ़ने पर कीमतों में गिरावट

सरकार के अनुसार, वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति शुरू होने के बाद बाजार में उपलब्धता बढ़ी है और कीमतों में कमी आई है। बिक्री शुरू होने के अगले दिन से ही कीमतों में गिरावट देखी गई। सरकार को उम्मीद है कि आपूर्ति बढ़ने के साथ प्याज की कीमतों में और स्थिरता आएगी।

3,400 किसानों को 210 करोड़ रुपए का भुगतान

सरकार ने प्याज किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। अब तक करीब 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि वह प्याज किसानों को समर्थन देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त और किफायती प्याज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलगाड़ियों के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज के परिवहन और आपूर्ति के दौरान मजबूत सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं। इस तरह सरकार एक ओर किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर रही है, वहीं दूसरी ओर बफर स्टॉक को प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाकर बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को 35 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture