राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत ने कीटनाशक नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा, हितधारकों से सुझाव आमंत्रित

19 मार्च 2026, नई दिल्ली: भारत ने कीटनाशक नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा, हितधारकों से सुझाव आमंत्रित – भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कीटनाशक नियम, 1971 में संशोधन के लिए एक मसौदा अधिसूचना जारी की है। यह प्रस्ताव कीटनाशकों की बिक्री, भंडारण और वितरण से जुड़े लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नियामकीय स्पष्टता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मसौदे पर 30 दिनों के भीतर सार्वजनिक टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

प्रस्तावित कीटनाशक (संशोधन) नियम, 2026 में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका प्रभाव देशभर के एग्रोकेमिकल डीलरों, वितरकों और ग्रामीण कृषि-इनपुट बाजार पर पड़ सकता है।

एक से अधिक स्थानों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया में सरलता

मसौदा नियमों के तहत, यदि किसी व्यवसाय के पास एक ही लाइसेंसिंग अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में कई बिक्री या भंडारण स्थल हैं, तो वह एक ही आवेदन के माध्यम से सभी स्थानों के लिए एकीकृत लाइसेंस प्राप्त कर सकेगा।

यह बदलाव प्रशासनिक बोझ को कम करने और एग्रोकेमिकल कंपनियों तथा रिटेल नेटवर्क के विस्तार को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नए उत्पाद और स्थान जोड़ने की सुविधा

संशोधन प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा लाइसेंसधारक अपने लाइसेंस की अवधि के दौरान नए कीटनाशकों को जोड़ने या नए बिक्री/भंडारण स्थान शामिल करने के लिए लाइसेंसिंग अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए एक निर्धारित शुल्क के साथ लाइसेंस पर एंडोर्समेंट (संशोधन) कराया जा सकेगा।

इससे कंपनियों और डीलरों को बिना नया लाइसेंस लिए अपने व्यापार का विस्तार करने में सुविधा मिलेगी।

नामांकन (Nomination) सुविधा का प्रावधान

मसौदे में पहली बार लाइसेंस हस्तांतरण के लिए नामांकन प्रणाली का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत लाइसेंसधारक अपने परिवार के सदस्यों को नामित कर सकेगा, ताकि उसकी मृत्यु की स्थिति में लाइसेंस का हस्तांतरण सुगमता से हो सके।

इसके लिए एक विस्तृत नामांकन फॉर्म भी प्रस्तावित किया गया है, जिसमें नामित व्यक्ति की आयु, संबंध और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी देना आवश्यक होगा। यह कदम विशेष रूप से पारिवारिक स्तर पर संचालित कृषि-इनपुट व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण है।

संशोधित शुल्क संरचना और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रियायत

मसौदे में लाइसेंस शुल्क संरचना में भी बदलाव प्रस्तावित है। प्रत्येक कीटनाशक के लिए ₹500 का शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹7,500 रखी गई है।

विशेष रूप से, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित बिक्री केंद्रों के लिए शुल्क को सामान्य दर का केवल एक-पाँचवां प्रस्तावित किया गया है। यह प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लाइसेंसधारकों को प्रोत्साहित कर सकता है।

इसके अलावा, अतिरिक्त उत्पाद या स्थान जोड़ने के लिए भी कम शुल्क निर्धारित किया गया है।

योग्यता और अनुपालन पर जोर

संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय संबंधित कंपनी (प्रिंसिपल) का प्रमाणपत्र देना आवश्यक होगा। साथ ही, नामांकित व्यक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करना अनिवार्य होगा।

यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि कीटनाशकों के व्यापार में शामिल व्यक्तियों के पास आवश्यक तकनीकी ज्ञान और नियामकीय समझ हो।

सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित

कृषि मंत्रालय ने इस मसौदे पर सभी हितधारकों—उद्योग प्रतिनिधियों, एग्रोकेमिकल कंपनियों, डीलरों और आम नागरिकों—से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां भेजने का आग्रह किया है।

सुझाव संयुक्त सचिव (पौध संरक्षण), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजे जा सकते हैं या ईमेल के माध्यम से भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

उद्योग पर संभावित प्रभाव

प्रस्तावित संशोधन यह संकेत देते हैं कि सरकार नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ-साथ नियंत्रण और अनुपालन बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है।

यदि ये नियम लागू होते हैं, तो एग्रोकेमिकल उद्योग, विशेषकर ग्रामीण बाजारों में, व्यापार विस्तार के नए अवसर देख सकता है। साथ ही, लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ने की संभावना है।

भारत, जो वैश्विक कृषि बाजार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, के इन प्रस्तावित बदलावों पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एग्रोकेमिकल उद्योग की नजर बनी रहेगी।

मूल अधिसूचना की प्रति यहाँ से डाउनलोड करें:

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