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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषि विकास के लिए केंद्र ने पांच राज्यों को जारी की 1,183 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त

06 सितंबर 2026, नई दिल्ली: कृषि विकास के लिए केंद्र ने पांच राज्यों को जारी की 1,183 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त – केंद्र सरकार ने देश के पांच राज्यों में कृषि विकास को रफ्तार देने के लिए 1,183.11 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी करने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2 सितंबर को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में इसे “दूसरी मदर सैंक्शन” बताते हुए मंजूरी दी।यह राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) और कृषोन्नति योजना के तहत जारी की जा रही है। इसका इस्तेमाल सिंचाई सुविधाओं, कृषि मशीनीकरण, प्राकृतिक खेती, तिलहन उत्पादन बढ़ाने और कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। कृषोन्नति योजना के तहत बीज सुधार, फसल सुरक्षा, बागवानी और कृषि विपणन से जुड़ी करीब एक दर्जन उप-योजनाएं आती हैं, जिन्हें राज्य अपनी जरूरत के मुताबिक लागू करते हैं।

किस राज्य को कितनी राशि मिली

आंध्र प्रदेश को सबसे ज्यादा 409.40 करोड़ रुपये मिले हैं। तमिलनाडु को 355.88 करोड़, ओडिशा को 219.65 करोड़, उत्तराखंड को 106.67 करोड़ और त्रिपुरा को 91.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।बैठक में मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “किसान हमारे देश की आत्मा हैं और इसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़।” उन्होंने राज्यों से कहा कि यह राशि समय पर और सही तरीके से किसानों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि योजनाओं का फायदा जमीन पर दिखे।केंद्र इस तरह की मंजूरी को “मदर सैंक्शन” नाम देता है क्योंकि इसके बाद राज्य सरकारें अपने यहां जिलेवार और योजनावार बजट का बंटवारा करती हैं। यह दूसरी किस्त है, यानी चालू वित्त वर्ष में इन राज्यों को इससे पहले भी पहली किस्त जारी की जा चुकी है।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा

कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस राशि का सीधा मकसद किसानों की आय बढ़ाना और खेती की लागत घटाना है। सिंचाई परियोजनाओं से पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, वहीं मशीनीकरण से बुवाई और कटाई पर मजदूरी का खर्च कम होगा।प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले हिस्से से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। तिलहन उत्पादन पर जोर से देश की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी यह कदम अहम माना जा रहा है।यह भी उल्लेखनीय है कि जुलाई महीने में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना को भी अगले पांच साल यानी 2030-31 तक के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी थी, जिसमें 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन दोनों फैसलों को एक साथ देखें तो साफ है कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में सीधे निवेश और आय सहायता, दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ रही है।राज्यों को अब यह राशि जिला स्तर तक पहुंचानी होगी, जहां से यह सिंचाई परियोजनाओं, यंत्र सब्सिडी और विस्तार सेवाओं के रूप में किसानों तक पहुंचेगी। किसानों को अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय से यह जानकारी लेते रहना चाहिए कि उनके इलाके में कौन-सी योजना के तहत आवेदन खुले हैं।

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