कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ कृषि सहयोग सुदृढ़ करने पर जोर
09 जनवरी 2026, नई दिल्ली: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ कृषि सहयोग सुदृढ़ करने पर जोर – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि क्षेत्र में सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने, दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं के समन्वय तथा किसानों के कल्याण और आजीविका में सुधार से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सहभागिता
इस महत्वपूर्ण बैठक में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO), वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP), इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD), वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), डॉयचे गेसेलशाफ्ट फ्यूर इंटरनेशनल जुसामेनआर्बाइट (GIZ) तथा जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय एवं बहुपक्षीय विकास साझेदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
खाद्य सुरक्षा से निर्यातक राष्ट्र तक भारत की यात्रा
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत की कृषि यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने बताया कि देश ने खाद्य-घाटा वाले राष्ट्र से निकलकर आज प्रमुख कृषि उत्पादों के बड़े निर्यातक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस परिवर्तन में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सहयोगात्मक भूमिका को भी उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया।
अब फोकस पोषण सुरक्षा और सतत आजीविका पर
श्री चौहान ने कहा कि भारत ने खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है और अब देश का ध्यान पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा किसानों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत कृषि क्षेत्र में अपने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अन्य देशों के साथ साझा करने की बेहतर स्थिति में है।
वैश्विक नवाचारों से सीखने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक नवाचारों, नई तकनीकों और अन्य देशों में अपनाए गए सफल कृषि मॉडलों से सीख लेकर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में पारस्परिक विकास और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे न केवल भारतीय किसानों को लाभ होगा बल्कि वैश्विक कृषि विकास को भी मजबूती मिलेगी।
समावेशी कृषि और छोटे किसानों पर विशेष ध्यान
बैठक में शामिल अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। इनमें समावेशी कृषि को बढ़ावा देना, छोटे किसानों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करना तथा युवाओं, महिलाओं और किसान संगठनों पर विशेष ध्यान देना शामिल रहा।
तकनीक, निवेश और नवाचार को बताया अहम
प्रतिनिधियों ने कृषि विकास में प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, वित्तीय सहयोग, निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही अनुसंधान एवं विकास (R&D), डिजिटल कृषि, कटाई-उपरांत अवसंरचना के विकास, जलवायु-सहिष्णु फसलों को बढ़ावा देने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
नीति निर्माण को मिलेगी मजबूती
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी प्रतिनिधियों को उनके बहुमूल्य सुझावों और विचारों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ये सुझाव कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना और नीति निर्माण को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। साथ ही इस साझा दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) के सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव, DA&FW के अपर सचिव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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