यारा इंडिया ने प्रोडक्ट ट्रेसबिलिटी के लिए रिटेल नेटवर्क एकीकरण बढ़ाया
11 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: यारा इंडिया ने प्रोडक्ट ट्रेसबिलिटी के लिए रिटेल नेटवर्क एकीकरण बढ़ाया – यारा इंडिया ने कहा कि वह अपने चैनल पार्टनर्स के एक बड़े हिस्से को रिटेलर ऑर्डरिंग सिस्टम (ROS) से जोड़कर प्रोडक्ट ट्रेसबिलिटी बढ़ा रही है। यह सिस्टम यारा कनेक्ट मोबाइल एप का हिस्सा है, जिसका उपयोग रिटेलर और डीलर करते हैं। कंपनी के अनुसार, इस प्रणाली का उद्देश्य वितरण नेटवर्क में प्रोडक्ट की आवाजाही को ट्रैक करना है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह जैविक कृषि इनपुट की मांग के बीच अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों का विस्तार कर रही है और अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में नए प्रोडक्ट जोड़ने की योजना है।
यारा इंडिया ने देश में अपने संचालन के 15 वर्ष पूरे किए हैं। कंपनी के अनुसार, यह अवधि किसानों, संस्थानों और सरकारी निकायों के साथ उसके जुड़ाव और क्षेत्र में उसकी उपस्थिति को दर्शाती है।
इस दौरान, यारा इंडिया ने विनिर्माण प्रक्रियाओं और डिजिटल सलाहकारी उपकरणों का उपयोग किया है तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), अनुसंधान संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर मृदा संबंधी कार्यक्रमों पर काम किया है।
वर्ष 2018 में, यारा ने बाबराला यूरिया संयंत्र का अधिग्रहण किया था, जिसे कंपनी ने भारत के विनियमित उर्वरक क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बताया। यह संयंत्र विभिन्न कृषि क्षेत्रों में उत्पादन और वितरण का समर्थन करता है।
कंपनी ने लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की भी जानकारी दी, जिसमें रेल रेक और जहाजों के माध्यम से उर्वरकों की आवाजाही शामिल है।
यारा साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक संजीव कंवर ने कहा, “पिछले 15 वर्षों में हमने किसानों, सरकारी एजेंसियों और उद्योग से जुड़े पक्षों के साथ कृषि कार्यों पर काम किया है। आगे भी हमारा ध्यान इनपुट प्रबंधन और खेत स्तर के परिणामों पर रहेगा।”
नई दिल्ली स्थित नॉर्वे दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख और उप राजदूत अर्विन गागदिल ने कहा, “भारत और नॉर्वे के बीच सहयोग में कृषि क्षेत्र में तकनीक और किसान संपर्क शामिल रहा है, और यह आगे भी जारी रहेगा।”
यारा इंडिया ने 15 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित नॉर्वे दूतावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें सरकारी प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, उद्योग से जुड़े लोग और किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में एक संकलन और ब्रांड फिल्म जारी की गई तथा “भारत की एग्री जीडीपी 2X यात्रा: कृषि के भविष्य की नई परिकल्पना” विषय पर पैनल चर्चा हुई। किसानों ने प्रोडक्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में कृषि, तकनीक और साझेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

