कम्पनी समाचार (Industry News)

इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज ने प्रधानमंत्री डॉक्टरल फेलोशिप के तहत आईसीएआर-आईएआरआई के साथ साझेदारी की, खेती में जलवायु चुनौतियों पर होगी रिसर्च

11 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज ने प्रधानमंत्री डॉक्टरल फेलोशिप के तहत आईसीएआर-आईएआरआई के साथ साझेदारी की, खेती में जलवायु चुनौतियों पर होगी रिसर्च – इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज ने खेती से जुड़ी रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। यह पहल “प्रधानमंत्री डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप” के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य खेती में आने वाली वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना है।

इस समझौते के तहत कंपनी एक पीएचडी छात्र को चार साल तक सहयोग देगी। यह अवधि 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2029 तक रहेगी। इस दौरान छात्र आईसीएआर-आईएआरआई में रहकर खेती और फसलों से जुड़ी चुनौतियों पर गहराई से काम करेगा। कंपनी इस रिसर्च को आर्थिक और तकनीकी दोनों तरह से सहयोग देगी, ताकि शोध सही दिशा में आगे बढ़ सके।

आज के समय में खेती पर मौसम का असर तेजी से बढ़ रहा है। किसानों को कभी सूखे का सामना करना पड़ता है, तो कभी अत्यधिक गर्मी या अनियमित बारिश से नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे हालात में फसलों की सुरक्षा और उत्पादन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस रिसर्च का फोकस ऐसे समाधान ढूंढने पर होगा, जो फसलों को कठिन परिस्थितियों में भी टिके रहने में मदद करें।

इसमें खास तौर पर ऐसे तरीकों और उत्पादों पर काम किया जाएगा, जो पौधों को मजबूत बनाएं और उन्हें मौसम के असर से बचाने में मदद करें। आसान भाषा में कहें तो कोशिश यह रहेगी कि फसलें खराब मौसम में भी अच्छी तरह बढ़ें और किसान को कम नुकसान हो।

यह रिसर्च अनुभवी वैज्ञानिकों की निगरानी में होगी। छात्र को ऐसे विषयों पर काम करने का मौका मिलेगा, जो सीधे खेती से जुड़े हैं और जिनका फायदा भविष्य में किसानों तक पहुंच सकता है। इससे न केवल नई जानकारी सामने आएगी, बल्कि ऐसे व्यावहारिक समाधान भी विकसित हो सकते हैं जिन्हें खेतों में आसानी से अपनाया जा सके।

इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम होगी। अक्सर रिसर्च संस्थानों में होने वाला काम जमीन तक नहीं पहुंच पाता, लेकिन इस तरह के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि शोध का फायदा सीधे किसानों को मिले।

इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी लंबे समय से खेती में नए समाधान लाने और किसानों को बेहतर उत्पाद देने पर काम कर रही है। इस पहल के जरिए कंपनी न केवल रिसर्च को समर्थन दे रही है, बल्कि भविष्य के लिए ऐसे युवा विशेषज्ञ भी तैयार कर रही है जो खेती की बदलती जरूरतों को समझ सकें और उनके समाधान निकाल सकें।

आने वाले समय में इस तरह की पहल का असर पूरे कृषि क्षेत्र पर देखा जा सकता है। इससे ऐसे नए समाधान सामने आ सकते हैं जो खेती को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएंगे। साथ ही, किसानों को बदलते मौसम के बीच भी बेहतर उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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