पटेल वाइन की पहल से बदला गांव-समाज
रतलाम-झाबुआ मार्ग पर कुछ दूर चलने पर अंगूर, अनार, पपीता, स्ट्राबेरी जैसे विभिन्न फलों की महक से मन-मस्तिष्क तरोताजा होने लगता है। जी हां, सूबे के घोषित कृषि तीर्थों में से एक तीतरी पहुंचते ही महसूस होता है, हम उद्यानिकी
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