केले के साथ – कद्दू बोनस में
3 हजार लगाए, 2 लाख कमाए बड़वानी। बाजार में विभिन्न कई वस्तुओं पर कंपनियां एक के साथ एक फ्री का आफर देती हैं। ग्राहक इन वस्तुओं को क्रय भी करता है। ऐसा आफर समझदार किसान फसल पर भी ले सकता
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनवीनतम फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और कृषि पद्धतियों में नवाचार, बुआई का समय, बीज उपचार, खरपतवार नियन्तारन, रोग नियन्तारन, कीटो और संक्रमण से सुरक्षा, बीमरियो का नियन्तारन। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और नई किस्मे। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल में कीट नियंतरण एवं रोग नियंतरण। सोयाबीन में बीज उपचार कैसे करे, गेहूँ मैं बीज उपचार कैसे करे, धान मैं बीज उपचार कैसे करे, प्याज मैं बीज उपचार कैसे करे, बीज उपचार का सही तरीका। मशरुम की खेती, जिमीकंद की खेती, प्याज़ की उपज कैसे बढ़ाए, औषदि फसलों की खेती, जुकिनी की खेती, ड्रैगन फ्रूट की खेती, बैंगन की खेती, भिंडी की खेती, टमाटर की खेती, गर्मी में मूंग की खेती, आम की खेती, नीबू की खेती, अमरुद की खेती, पूसा अरहर 16 अरहर क़िस्म, स्ट्रॉबेरी की खेती, पपीते की खेती, मटर की खेती, शक्ति वर्धक हाइब्रिड सीड्स, लहसुन की खेती। मूंग के प्रमुख कीट एवं रोकथाम, सरसों की स्टार 10-15 किस्म स्टार एग्रीसीड्स, अफीम की खेती, अफीम का पत्ता कैसे मिलता है?
3 हजार लगाए, 2 लाख कमाए बड़वानी। बाजार में विभिन्न कई वस्तुओं पर कंपनियां एक के साथ एक फ्री का आफर देती हैं। ग्राहक इन वस्तुओं को क्रय भी करता है। ऐसा आफर समझदार किसान फसल पर भी ले सकता
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उर्वरक उत्पादक देश है। देश में उर्वरकों का पूंजीकरण बाजार देश की जीडीपी का 25 प्रतिशत है। उर्वरकों की खपत में भी भारत चीन के बाद दूसरे नम्बर पर आता है। वर्ष 2017-18 में
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंपन्ना। कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के डॉ. बी. एस. किरार वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एवं डॉ. आर. के. जायसवाल वैज्ञानिक द्वारा ग्राम सिंहपुर, प्रतापपुर, खोरा, नयागांव में विगत दिवस भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान सब्जी उत्पादक रामप्रसाद साहू, कौशल
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंजलवायु एवं मिट्टी – मूंग जायद एवं खरीफ ऋतु में उगाई जाती है। इसके लिए उपयुक्त तापमान 27 से 33 डिग्री है। यह सामान्यतया अधिक तापमान एवं सूखे हेतु सहनशील फसल है एवं दिन की लंबाई हेतु संवेदनशील फसल है।
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंजलवायु – खीरा गर्म जलवायु का पौधा है। यह अधिक ठंड एवं पाला सहन नहीं कर सकता है। जहां वातावरण में आद्र्रता कम हो और सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में हो तो खेती अच्छी प्रकार से की जा सकती
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केन्द्र, इंदौर के द्वारा शुरू की गई परियोजना मेरा गाँव मेरा गौरव के अंतर्गत पुन: मोबाइल आधारित पूसा एम कृषि-सलाह सेवा मध्य प्रदेश के सभी जिलों में शुरु की गई। पूसा एम कृषि- एक माध्यम
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंकपास किसानों को राहत नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने देश के कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए बीटी कपास बीजी – 2 की कीमत 740 रु. प्रति पैकेट (बीटी कपास बीज के 450 ग्राम तथा रिफ्यूजिया के 120 ग्राम)
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभूमि: अच्छे उत्पादन के लिए बलुई दुमट या रेतीली दुमट भूमि उपयुक्त होती है। अच्छी उपज प्राप्त करने हेतु भूमि का पी.एच. मान 6 से 6.8 अच्छा होता है। प्रजातियां: पूसा सावनी, पंजाब पदमनी, परमनी क्रांति, आर्का अनामिका, वर्षा उपहार,
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभूमि की तैयारी– अदरक की खेती सभी प्रकार की जीवांश युक्त एवं उचित जल निकास वाली भूमियों में की जा सकती है, किन्तु हल्की रेतीली अथवा दोमट जिसमें जल निकास की उचित व्यवस्था हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंयोजना में 20 जिले शामिल भोपाल। प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में लहसुन उत्पादकों के पंजीयन 15 मार्च से 31 मार्च तक होगा। पंजीयन के संबंध में प्रदेश के 20 जिलों के कलेक्टरों को प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग
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