6 हजार अरब रुपये से किसानों की आय दोगुनी होगी – निजी निवेश दोगुना और सरकारी निवेश चार गुना हो

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नई दिल्ली। सरकार की एक समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2022-23 तक किसानों की वास्तविक आय को दोगुना करने की स्थिति बनाने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से 6,339 अरब रुपये के अतिरिक्त निवेश किए जाने की जरूरत है। मौजूदा समय में असम, केरल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, पंजाब और ओडीशा जैसे राज्यों में सार्वजनिक निवेश का स्तर राष्ट्रीय औसत से कम है।
रिपोर्ट कहती है कि निजी निवेश के मामले में पूर्वी क्षेत्र के कम विकसित राज्यों का पिछड़ापन बरकरार है जो वित्तीय एवं अन्य आधारभूत ढांचों के विकास की बड़ी आवश्यकता को रेखांकित करता है। ऐसे कुछ उपाय राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकार के सीईओ श्री अशोक दलवी की अगुवाई वाले किसानों की आय दोगुना करने के लिए बनी समिति की रिपोर्ट के पहले चार खंडों में सुझाए गए हैं।
इस रिपोर्ट पर सार्वजनिक टिप्पणी मंगाई गई है। रिपोर्ट के शेष आठ खंड अभी भी जारी किए जाने हैं। सभी राज्यों में मौजूदा निवेश आवश्यकताओं में भारी अंतर को देखते हुए समिति ने कहा है, संसाधनों का आवंटन इस तरह होना चाहिए, ताकि संतुलित विकास हासिल करने में मदद मिल सके।
रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों की आय में लक्षित 10.41 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के लिए (कृषि, सिंचाई, ग्रामीण सड़क एवं परिवहन और ग्रामीण ऊर्जा जैसे सभी क्षेत्रों में कुल मिलाकर) निजी निवेश में वार्षिक 7.8 प्रतिशत तथा सार्वजनिक निवेश में सालाना 14.17 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत है। इसमें कहा गया है कि राज्यों के बीच निवेश इस प्रकार के निवेश में भारी अंतर है जो कहीं मात्र एक प्रतिशत तो कहीं 24 प्रतिशत तक है।
रिपोर्ट के अनुसार कम विकसित राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में आरंभिक कम पूंजी निवेश कम होने के कारण वहां सार्वजनिक निवेश की दर ऊंची रखने की आवश्यकता होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों की वास्तविक आय में लक्षित वृद्धि के लिए 2022-23 तक वर्ष 2004-05 के मूल्य स्तर के हिसाब से अतिरिक्त 617 अरब रुपये तथा वर्ष 2011-12 के मूल्य स्तर के हिसाब से अतिरिक्त 1318.4 अरब रुपये के निजी क्षेत्र का निवेश किए जाने की आवश्यकता है।
समिति ने किसानों को बैंक लोन की सुविधा बढ़ाने की जरुरत पर बल देते हुए कहा है कि अभी उन्हें उनकी आवश्यकता का 50 से 60 प्रतिशत ही संस्थागत ऋण मिल पाता है। समिति ने कहा है कि आधार वर्ष 2015-16 के हिसाब से वर्ष 2022-23 तक इस कृषि क्षेत्र में निजी निवेश दोगुना तथा सार्वजनिक निवेश चार गुना बढऩा चाहिए।

                  दलवी समिति की रिपोर्ट

                       प्रमुख बिन्दु

  • अतिरिक्त निवेश की जरूरत
  • बुनियादी सुविधाओं की बड़ी जरूरत
  • ग्रामीण सड़क, परिवहन, सिंचाई, ऊर्जा में निवेश हो
  • किसानों को बैंक लोन सुविधाएं बढ़े
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