नई क्रांति की शुरूआत जेके पास-पास कपास के साथ

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इंदौर। कपास के क्षेत्र में अग्रणी बीज कम्पनी जे के सीड्स ने नया हायब्रिड कपास जेके पास-पास प्रस्तुत किया है। जेके पास-पास एक नई तकनीकी और भविष्य में कम समय और कम खर्च में अधिक उपज देने वाली कम उम्र की हायब्रिड है। नई तकनीकी हायब्रिड होने से ये सीधे-सीधे बढऩे वाली हायब्रिड है जिसमें मुख्य शाखाएं नहीं आने से इसे किसान बहुत कम दूरी पर पास-पास में लगा सकते हैं। ये हायब्रिड सघन बुआई के लिये उपयुक्त है। पास-पास का मतलब 3&1 की दूरी पर हल्की से मध्यम प्रकार की भूमि में लगा सकते हैं तथा भारी भूमि में किसान थोड़ी दूरी पर एडजस्ट कर सकते हैं या उसकी ऊंचाई 4.5-5 फीट पर रोक सकते हैं।
नई तकनीकी हायब्रिड कपास जेके पास-पास को सघन लगाने से किसान करीब एक एकड़ में 14,560 पौधे मैनेज कर सकते हैं। हर पौधे में सघन होने से लगभग 25-35 डेन्डू आयेंगे और हर डेन्डू का एवरेज वजन 4-5 ग्राम रहने पर लगभग 125-150 ग्राम कपास प्रति पौधा आयेगा। किसान प्रति एकड़ 15-22 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं। जेके पास-पास कम समय की हायब्रिड होने से इसे वर्षा आधारित और हल्की भूमि में भी लगा सकते हैं (जहां 2-3 सिंचाई की व्यवस्था हो) और अधिक उत्पादन ले सकते हैं और खेत समय पर खाली होने से किसान रबी फसल चना, गेहूं भी समय से लगा सकते हैं।
जेके सीड्स ने जेके पास-पास के प्रदर्शन प्लॉट विभिन्न क्षेत्रों में लगाए जिसमें हजारों किसानों ने विभिन्न गांवों से आकर भ्रमण किया। जिन किसानों ने इस किस्म को लगाया उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में जेके पास-पास पूरे क्षेत्र में अधिक से अधिक किसान लगाने वाले हैं। जेके पास-पास का सबसे बड़ा फायदा है कि ये कम समय की नई तकनीक, हायब्रिड होने से कम खर्च और कम समय में अधिक उपज देगी। इस हायब्रिड में जिनिंग परसेंटेज ज्यादा होने से किसान को 300-400 रु. प्रति क्विंटल भाव ज्यादा मिल रहा है।

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