राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

सरकार ने खाद हेराफेरी पर लगाया शिकंजा, एक साल में हजारों लाइसेंस रद्द और एफआईआर दर्ज

29 मार्च 2026, नई दिल्ली: सरकार ने खाद हेराफेरी पर लगाया शिकंजा, एक साल में हजारों लाइसेंस रद्द और एफआईआर दर्ज – केंद्र सरकार ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और हेराफेरी को रोकने के लिए सख्त प्रवर्तन उपाय लागू किए हैं। रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया एस. पटेल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत राज्य सरकारों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा उल्लंघनों की नियमित निगरानी की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अप्रैल 2025 से अब तक, प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 4,66,415 छापे मारे, 16,246 कारण बताओ नोटिस जारी किए, 6,802 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए और 821 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। फरवरी 2026 में विशेष रूप से जमाखोरी के मामलों में 28 नोटिस जारी, 2 लाइसेंस रद्द और 2 FIR दर्ज की गई।  

उर्वरकों की उपलब्धता और बिक्री

रबी 2025-26 सीजन में उर्वरकों की मांग, उपलब्धता और बिक्री इस प्रकार रही (एलएमटी में):

उत्पादअखिल भारत मांगउपलब्धताडीबीटी बिक्री
यूरिया191.72249.17196.42
डीएपी52.7274.5552.74
एमओपी15.1718.9811.03
एनपीकेएस80.34114.6666.35

सरकार ने यूरिया सब्सिडी योजना के तहत किसानों को वैधानिक अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर यूरिया उपलब्ध कराया। 45 किलो यूरिया का एमआरपी 242 रुपये प्रति बैग (नीम कोटिंग और कर शामिल नहीं) रखा गया है।

इसके अलावा, फॉस्फेट और पोटेशियम (P&K) उर्वरकों के लिए पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी (NBS) योजना लागू है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को किफायती आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेष प्रावधानों के तहत खरीफ 2025 और रबी 2025-26 के मौसमों में आयातित और घरेलू DAP व TSP पर 3,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन सब्सिडी दी गई।

केंद्र की कार्रवाई का उद्देश्य

सरकार का यह कदम किसानों को अनुचित विधियों से बचाने, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने और उर्वरकों की पारदर्शी और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

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