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पीएम फसल बीमा योजना: राजस्थान में पोस्ट हार्वेस्ट क्लेम में देरी पर सख्ती, बीमा कंपनियों को सख्त निर्देश  

13 अप्रैल 2026, जयपुर: पीएम फसल बीमा योजना: राजस्थान में पोस्ट हार्वेस्ट क्लेम में देरी पर सख्ती, बीमा कंपनियों को सख्त निर्देश – राजस्थान के कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि, चक्रवात आदि प्राकृतिक आपदाओं से कटाई उपरांत हुई फसल क्षति के क्लेम निपटान के मामले में पूरी तरह गंभीर है। किसानों का हित सर्वोपरि है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आयुक्त कृषि द्वारा सभी बीमा कंपनियों (एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया, इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस, क्षेमा जनरल इंश्योरेंस आदि) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसानों द्वारा दर्ज किए गए पोस्ट हार्वेस्ट लॉसेस इंटीमेशन का नियत अवधि में सर्वे अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। बीमा कंपनियों द्वारा एकतरफा या बिना पर्याप्त कारण के इंटीमेशन को रिजेक्ट करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। रिजेक्ट किए गए मामलों की कारण सहित पूरी रिपोर्ट जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) को उपलब्ध करानी होगी। 

यदि कोई इंटीमेशन योजना प्रावधानों के विरुद्ध गलत तरीके से रिजेक्ट किया गया है तो उसका सर्वे कराने की जिम्मेदारी स्वयं बीमा कंपनी की होगी। उन्होंने बताया कि खेत में फसल न मिलने के आधार पर केवल सर्वे रिजेक्ट करना अनुचित है। ऐसे मामलों में हानि के परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, कृषि पर्यवेक्षक की रिपोर्ट तथा तथ्यों के आधार पर लॉस प्रतिशत का उचित आकलन किया जाए। डाउट ऑफ बेनिफिट का लाभ किसान को ही दिया जाए। समस्त सर्वे CLAP  ऐप के माध्यम से ही किए जाएं। ऑफलाइन सर्वे को भी अनिवार्य रूप से CLAP पर अपलोड करना होगा।  

कृषि आयुक्त ने कहा कि पोस्ट हार्वेस्ट सर्वे कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यदि किसी कारणवश सर्वे नहीं किया गया तो क्लेम का पूरा उत्तरदायित्व संबंधित बीमा कंपनी का होगा। उन्होंने सभी संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद को भी निर्देशित किया है कि CLAP  पोर्टल पर आने वाले सर्वे की तुरंत जांच कर अनुमोदन सुनिश्चित करें तथा बीमा कंपनियों के सर्वेयर के साथ विभागीय कृषि पर्यवेक्षक की उपस्थिति अनिवार्य रखें।  

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हित में कोई समझौता नहीं करेगी। बेमौसम आपदा से हुई हानि का उचित मुआवजा समयबद्ध तरीके से मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर स्तर पर निगरानी रख रही है।

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