आईसीएआर का 90वां स्थापना दिवस

आईसीएआर के प्रयासों से भारत निर्यातक राष्ट्र बना

(निमिष गंगराड़े)

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 90वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित स्थापना दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि ‘भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने न केवल देश को आयातक राष्ट्र के बजाय एक निर्यातक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, बल्कि खाद्यान के मामले में आत्म निर्भरता और पोषण संबंधी सुरक्षा भी दी। परिषद के कुशल वैज्ञानिकों के अनुसंधान परिणामों और किसान की कड़ी मेहनत से देश में अनाज के भण्डार भरे पड़े हैं।’

कृषि मंत्री कहा कि आईसीएआर द्वारा विकसित तकनीकों एवं किसान की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप इस वर्ष खाद्यान उत्पादन 275.68 मिलियन टन रहा जो वर्ष 2013-14 में हासिल उत्पादन (265.04 मिलियन टन) के मुकाबले लगभग 10.64 मिलियन टन अधिक है। बागबानी फसलों का इस वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है जो 300 मिलियन के आंकड़े को पार कर 305 मिलियन टन हो गया है। दलहन उत्पादन के क्षेत्र में भी देश आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष दालों का लगभग 23 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है जो कि आत्मनिर्भरता के काफी नजदीक है। इससे दलहन का आयात जो कि वर्ष 2016-17 में 10 लाख टन था वह 2017-18 में घटकर 5.65 लाख टन रह गया जिससे 9775 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई। आईसीएआर द्वारा विकसित बासमती चावल की पूसा बासमती 1121 किस्म से भारत को प्रति वर्ष 18 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक की विदेशी मुद्रा मिल रही है।

  • वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास।
  • पूसा बासमती 1121 किस्म से भारत को प्रति वर्ष मिल रही 18 हजार करोड़ की विदेशी मुद्रा।
  • कृषि कौशल के जरिए युवाओं की सहायता 
  • कृषि सेवाएं एवं व्यवसाय -एक वर्षीय डिप्लोमा शुरू करने पर विचार।
  • कृषि आधारित 750 से भी अधिक स्टार्ट अप तथा कृषि-उद्यमी विकसित।

कृषि मंत्री ने बताया कि देश के युवाओं को कृषि शिक्षा की ओर आकर्षित करने के लिए स्टूडेंट रेडी कार्यक्रम में छात्रों के कौशल विकास को अब पूरे एक साल के लिए शामिल किया गया है। इसके साथ ही ‘कृषि कौशल के जरिए युवाओं की सहायता से कृषि सेवाएं एवं व्यवसाय – एक वर्षीय डिप्लोमा प्रारम्भ करने का प्रस्ताव है जिसमें नवयुवक कृषि की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे और इससे उन्हें नौकरी पाने अथवा अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भा.कृ.अनु. परिषद ने कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को अनुसंधान की ओर आकर्षित किया है।
डॉ. त्रिलोचन महापात्रा
इसके पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में भा.कृ.अ.प. के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में बताया। इस मौके पर अतिथियों ने भा.कृ.अ.प. के तकनीकी प्रकाशनों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में 16 विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए वैज्ञानिकों एवं संस्थानों को पुरस्कृत किया गया। समारोह में अतिथियों का स्वागत भा.कृ.अ.प. के सचिव श्री छविलेन्द्र राऊल ने किया तथा आभार वित्त सलाहकार श्री बिम्ब्रधर प्रधान ने माना।

www.krishakjagat.org

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