रबी फसलों में सफेद लट का प्रकोप – कृषि वैज्ञानिकों द्वारा खेतों का भ्रमण

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धार। कृषि विज्ञान केन्द्र, धार के कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.एस. किराड़ वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख, डॉ. जी.एस. गाठिये, सस्य वैज्ञानिक द्वारा तहसील बदनावर के ग्राम वायकुण्डा के कृषकों के यहां डायग्नोस्टिक भ्रमण किया गया। वर्तमान में कृषकों के खेतों मे चना, मटर आलू, गेंहू व लहसुन की फसलें लगी हुई हैं जो कि 20-25 दिन अवस्था में है। वर्तमान फसलों में व्हाईट ग्रब (सफेद लट) का प्रकोप जमीन के अन्दर जड़ों के पास देखा जा रहा है जिससे हरे पौधे सूख रहे हैं। उक्त कीट का प्रकोप अत्यधिक तापमान एवं पानी की कमी के कारण बढ़ रहा है। इस कीट के प्रकोप द्वारा खरीफ फसलों मुख्यत: सोयाबीन को भी हानि पहुंचाई गई थी। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा व्हाईट ग्रब के नियंत्रण हेतु प्रभावित खेतों में जड़ों के पास क्लोरोपायरीफॉस 20 ई.सी. 1.5 लीटर या 50 ई.सी. 1 लीटर दवाई को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव इस प्रकार करें कि दवाई 3-4 इंच नीचे पहुंच सके। अथवा क्लोरपायरीफॉस 10 प्रतिशत दानेदार या फोरेट 10 जी की 10 कि.ग्रा. मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 50 कि.ग्रा. रेत में मिलाकर भुरकाव कर हल्की सिचाई करें। भ्रमण के दौरान ग्राम वायकुण्डा के कृषक श्री नारायणसिंह, रामनाथ योगी, महिपालसिंह, राजेश शर्मा, सुरेश बारोड, सत्यनारायण चौधरी उपस्थित रहे।

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