उर्वरक प्रबंधन – फलदार पौधों में खाद कब डालें ?

नाइट्रोजन: यह तत्व पौधों में हरा रंग बनाता है और वानस्पतिक वृद्धि को बढ़ाती है। नाइट्रोजन पौधों के उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
फास्फोरस: यह तत्व पौधे में जड़ों के विकास, पौधों के फलने व फूलने, बीज निर्माण एवं गुणों में वृद्धि करता है।
पोटेशियम: पोटेशियम पौधों की पत्तियों में स्टार्च व शकीरा बनाने की कुशलता में वृद्धि करता है एवं पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
उर्वरक देने के सिद्धांत:

  • अच्छे उत्पादन के लिए अधिक उर्वरकों की आवश्यकता नहीं बल्कि उनका सही मात्रा, सही जगह और सही समय पर प्रयोग फलों के उत्पादन के लिए लाभकारी होता है। इस प्रकार कम खर्च में पौधे के उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है एवं मृदा उर्वरता को बनाये रखा जा सकता है।
  • उर्वरक की मात्रा मिट्टी की जांच के आधार पर निर्धारित करनी चाहिए।
  • खाद पौधे के तने से 30 से.मी. दूर और पौधे के फैलाव तक डालें। इसके पश्चात् अच्छी तरह गुड़ाई करके सिंचाई करें।

फलदार पौधों में उर्वरकों की मात्रा एवं डालने का समय :-
नींबू वर्गीय फल :

  • जब पौधों की आयु 1-3 वर्ष की हो तो 10-40 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 200-600 ग्राम यूरिया, 250-750 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट और 100 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधा प्रति वर्ष डालें। 4 से 6 वर्ष के वृक्ष में 40-70 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 750-1250 ग्राम यूरिया, 1000-1500 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट एवं 150 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश डालें। जब पेड़ 7 और उससे अधिक आयु का हो तब 100 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 1500 ग्राम यूरिया 2 कि.ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट तथा 175 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश डालें।
  • गोबर की खाद, सिंगल सुपर फास्फेट और म्यूरेट ऑफ पोटाश दिसम्बर के अन्त में डालें।
  • आधी यूरिया मध्य फरवरी माह में एवं आधी शेष यूरिया अप्रैल माह में डालकर सिंचाई करें।
  • मई-जून और फिर अगस्त-सितम्बर माह में 5 ग्राम प्रति लीटर जिंक सल्फेट और 10 ग्राम प्रति लीटर यूरिया का घोल बनाकर पौधे पर छिड़कें।

बेर:

  • 1 से 3 वर्ष के पौधे 10-20 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 200-600 ग्राम यूरिया एवं 300-900 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट प्रति पौधा प्रति वर्ष डालें। 4 से 6 वर्ष के पौधे को 25-40 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 800-1200 ग्राम यूरिया एवं 1.2-2 कि.ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट दें तथा 7 और उससे अधिक वर्ष के पेड़ में 50 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 1.25 कि.ग्रा. यूरिया और 2.5 कि.ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट डालें।
  • गोबर की खाद एवं सुपर फास्फेट जून के अन्त में या फिर जुलाई माह की शुरूआत में कटाई-छंटाई के बाद डालें।
  • आधी यूरिया जुलाई में एवं आधी नवम्बर माह में दें।
  • जुलाई व नवम्बर माह में 1.5 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत जस्ते का छिड़काव करने से फल-फूल कम गिरते हैं और फलों के आन्तरिक गुणों में सुधार होता है।

अमरूद:

  • 1 से 3 वर्ष के पौधे में 10-30 कि.ग्रा. सड़ी खाद 0.2 से 0.6 कि.ग्रा यूरिया, 0.2-0.6 कि.ग्रा. सुपर फास्फेट व 0.1-0.3 कि.ग्रा. पोटाशियम सल्फेट प्रति पेड़ प्रति वर्ष डालेें। जब पौधा 4-6 वर्ष का हो तब 40-60 कि.ग्रा. सड़ी खाद, 0.8-1.2 कि.ग्रा. यूरिया, 0.8-1.25 कि.ग्रा. सुपर फास्फेट एवं 0.4-0.5 कि.ग्रा. पोटाशियम सल्फेट डालें तथा 7 और अधिक वर्ष के पौधे में 75 कि.ग्रा. सड़ी खाद, 1.5 कि.ग्रा. यूरिया 1.25 कि.ग्रा. सुपर फास्फेट एवं 0.5 कि.ग्रा पोटेशियम सल्फेट डालेें।
  • सारी रूडी खाद, आधी सुपर फास्फेट और पोटेशियम सल्फेट फरवरी माह में दे तथा शेष आधी जुलाई माह में दें।
  • आधी यूरिया फरवरी में और आधी यूरिया जुलाई-अगस्त में दें।

आंवला:

  • गोबर की खाद 15 कि.ग्रा. की दर से प्रति पौधा प्रति वर्ष के हिसाब से देनी चाहिए। 500 ग्राम यूरिया, 2.5 कि.ग्रा. सुपर फास्फेट प्रति पेड़ के हिसाब से फरवरी मे डालें तथा 500 ग्राम यूरिया जुलाई माह में प्रति पेड़ के हिसाब से डालें।

 

आजकल फलदार पौधों के उत्पादन पर इनके ऊर्जादायक एवं औषधीय प्रभाव वाले गुणों पर अधिक ध्यान है। फल विटामिन, प्रोटीन एवं अन्य पोषक तत्वों के सर्वोत्तम श्रोत होते हैं। फलों के बेहतर उत्पादन के लिए पौधों में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की आपूर्ति करना आवश्यक है। पौधों के पोषक तत्व उन तत्वों को कहते हैं जिनकी कमी से पौधे अपना जीवन चक्र पूरा न कर सकें तथा पौधों के स्वास्थ्य पर जिनका सीधा योगदान हो। इन्हीं तत्वों के प्रयोग से ही इन तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है। इनकी संख्या 17 है इनमें 9 बहुत पोषक तत्व हैं और 8 सूक्ष्म पोषक तत्व हैं।

पपीता:

  • 20 कि.ग्रा. गोबर की खाद प्रति पौधे के हिसाब से दें। 500 ग्राम मिश्रित खाद जिसमें 2 भाग अमोनियम सल्फेट, 2 भाग सिंगल सुपर फास्फेट व 1 भाग पोटाशियम सल्फेट हो, प्रति पौधे के हिसाब से दें। खाद फरवरी व अगस्त माह में डालें।

 

अनार:

  • अनार में 25 कि.ग्रा. गोबर की खाद, 1 कि.ग्रा. यूरिया, 1.5 कि.ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट एवं 400 ग्राम पोटाश प्रति वर्ष प्रति पौधे के हिसाब से डालें।
  • सारी गोबर की खाद, सिंगल सुपर फास्फेट, पोटाश व आधी यूरिया फूल लगने से पहले दें तथा आधी यूरिया फल लगने के बाद दें।

 

 

आम:

  • 1 से 3 साल के पौधे में 5 से 20 किलोग्राम गोबर की खाद, 100 से 200 ग्राम यूरिया, 250 से 500 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट एवं 175 से 350 ग्राम पोटाशियम सल्फेट डालें। जब पौधा 4 से 6 वर्ष का हो तो 25-50 किलोग्राम गोबर की खाद, 200-400 ग्राम यूरिया, 500 से 750 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट एवं 350-700 ग्राम पोटेशियम सल्फेट डालें। जब पौधा 7 और इससे अधिक आयु का हो तो 100 किलोग्राम गोबर की खाद, 400 से 500 ग्राम यूरिया, 750 से 1000 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट एवं 700 से 1000 ग्रामक पोटेशियम सल्फेट डालेें।
  • गोबर की खाद व फास्फोरस दिसम्बर माह में एवं यूरिया व पोटेशियम सल्फेट फरवरी मे दें।
  • फल देने वाले पौधे में यूरिया की एक अतिरिक्त मात्रा जून माह में डालें।

 

  • रिन्कू रानी
  • जीतराम शर्मा
  • अन्नु

www.krishakjagat.org
Share