फूल गोभी, पत्ता गोभी, गाजर मूली की अगेती फसल के लिये नर्सरी कब डाली जाये तकनीकी भी बतायें।

समाधान- पत्ता गोभी, फूलगोभी, गाजर भूमि की सब्जियां आज भी बाजार में उपलब्ध हंै बाहर से आ रही हंै। आप अगेती खेती में इसकी कास्त करना चाहते हैं तो निम्न तकनीकी अपनायें।

  • पत्ता गोभी की किस्म गोल्डन एंकर तथा पूसा मुक्ता फूल गोभी की पूसा सिंथेटिक, पूसा सुभद्रा तथा पूसा हिम ज्योति, गाजर की पूसा केसर तथा पूसा मेघाली तथा मूली की पूसा देशी किस्म लगाई जा सकती है।
  • इनकी नर्सरी माह अगस्त में लगाई जा सकती है।
  • पत्ता तथा फूल गोभी का 250 ग्राम बीज 2 ग्राम थाईरम/किलो बीज के हिसाब से लगायें। नर्सरी से उपलब्ध पौध 1 हेक्टर क्षेत्र के लिये पर्याप्त होगा।
  • नर्सरी अच्छे स्थान पर लगायें तथा गोबर खाद का उपयोग करें नर्सरी से अतिरिक्त जल का निथार करते रहें।
  • मुख्य खेत में रोपाई सितम्बर में की जाये।
  • गाजर/मूली का 2-5 किलो बीज/हे. की दर से लगेगा।
  • खेत में 50 किलो यूरिया, 100 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 50 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हे. डालें।
  • पत्ता तथा फूल गोभी में 217 किलो यूरिया, 300 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 60 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हे. की दर से डालें।

– गंगा प्रसाद यादव, ग्यारसपुर

www.krishakjagat.org

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