क्या इस वर्ष तिल अधिक लगाने से लाभ होगा यदि हां तो कौन सी जाति कितना खाद विस्तार से बतायें।

समाधान- मानसून की बिगड़ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सोयाबीन की बुआई के लिये सोचना पड़ेगा। खेत खाली ना जाये कुछ क्षेत्र में तिल लगाना हितकर ही होगा। क्योंकि इसके लिये तुलनात्मक दृष्टि से कम पानी लगता है परंतु ध्यान रहे बीज की बुआई नमी में हो, गहराई अधिक ना हो तथा कतारों में ही लगाई जाये तथा खरपतवारों का प्रबंध पहले ही कर लिया जाये अर्थात् बुआई पूर्व खरपतवारनाशी का उपयोग किया गया हो। आप निम्न तकनीकी अपनायें।

  • जातियों में टीकेजी 21, टीकेजी.22, टीकेजी 32, टीकेजी 55, के.जे.एम 8, जवाहर तिल 306, कंचन।
  • बीज की मात्रा 2.5 से 3 किलो/हे., बीज को गोबर की खाद में मिलाकर बुआई की जाये।
  • कतार से कतार दूरी 30 से.मी. तथा पौध से पौध 15 से.मी. ।
  • उर्वरकों में यूरिया 80 किलो, सिंगल सुपर फास्फेट 250 किलो तथा म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो/हे.की दर से दिया जाये।
  • खरपतवारों की सुरक्षा के लिये बासालिन 1.75 किलो सक्रिय तत्व 800 लीटर पानी में घोल बनाकर बुआई पूर्व छिड़काव भूमि में करें।

– गौतम राय, वनखेड़ी

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