बोरों में गेहूं रखना है, घुन का प्रकोप न हो इसके लिये क्या करें।

समाधान-

  • गेहूं को अच्छी तरह सुखा लें। दांतों से दबाने पर पिचके नहीं, कट की आवाज के साथ टूटे।
  • भंडार गृह अच्छी तरह साफ कर, दरारों, छेदों को बंद कर दें, दरवाजों पर यदि दरार हों तो उन्हें भी भर लें। दीवारों, छत तथा फर्स पर मेलाथियान 50 ईसी के 0.1 प्रतिशत घोल (2 मि.ली. प्रति लीटर पानी) का छिड़काव कर दें।
  • उपयोग में लायी जाने वाली बोरियां यदि पुरानी हैं तो उन्हें गरम पानी में डालकर उपचारित कर लें या मेलाथियान के 0.1 प्रतिशत घोल का छिड़काव कर उपचारित कर लें। ताकि पुरानी बोरियों से कीट अनाज में न पहुंच जाये।
  • बोरियों में अनाज भरने के बाद अधिक समय तक खलिहान में न रखें। भरी बोरियों को भंडारगृह की दीवार से सटा कर थप्पी न लगायें।
  • बोरियों को रखने के पूर्व फर्स में भूसा व नीम की पत्ती बिछा लें।
  • बोरियों की थप्पियां छत तक न लगायें। बोरियां रखने के बाद भंडारगृह का दरवाजा बंद कर लें। उसमें दरारों व छेंदों को चिकनी मिट्टी से बंद कर दें।
  • आप इथिलिन डाई ब्रोमाइड के एम्पूल (ईडीबी) 3 मि.ली.प्रति 2 क्विंटल गेहूं के मान से गोदाम में उपचार भी कर सकते हैं। इससे उपचार करते समय सावधानी बरतें।

– रामबहादुर सिंह, हरदा

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