फसल में गंधक (सल्फर) की कमी के क्या लक्षण हैं, इसका महत्व क्या है।

समाधान– गंधक की कमी के कारण फसल में आने वाली नई पत्तियां पीले हरे रंग की हो जाती हैं । यदि इसकी कमी बहुत अधिक हो तो पूरा पौधा पीले हरे रंग का हो जाता है। पत्तियों व तने में बैंगनीपन आ जाता है। पौधे व पत्तियां छोटी रह जाती हैं।

  • गंधक पौधों में एंजाइम तथा विटामिन के निर्माण में सहायक होता है।
  • दलहनी में यह जड़ों की ग्रंथी निर्माण के लिये आवश्यक है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करती है।
  • तिलहनी फसलों में यह बीज में तेल बनने की क्रिया के लिये आवश्यक है।
  • सरसों, प्याज व लहसुन में उनकी प्राकृतिक गंध गंधक के कारण ही रहती है।
  • भूमि के कणों व पौधों के बीच पानी के संतुलन बनाने में भी गंधक का योगदान रहता है।

– सतीश पाराशर, बालाघाट

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