हरी फलियों के लिये उगाई जाने वाली मटर की उपयुक्त किस्में कौन सी हैं।

समाधान – मटर की हरी फलियों के लिये शीघ्र, मध्यम व देर से पकने वाली किस्में उपलब्ध हैं। शीघ्र पकने वाली किस्मों में अर्किल, जवाहर मटर-3, जवाहर मटर 4, अर्ली बेजर, आसोजी इत्यादि प्रमुख हैं। इनमें फलियां बुआई के 55 से 75 दिन में आ जाती हैं। इनमें उत्पादन 60 से 100 क्विंटल हरी फली प्रति हेक्टर तक आ जाता है।

  • मध्यम व देर से आने वाली जातियों में आजाद मटर 1, पंत उपहार, बोनविले, जवाहर मटर 1, जवाहर मटर 2, आर पी.3, एनपी 29 व विवेक मटर 8 प्रमुख हैं। इनमें फलियां बुआई के 75 से 90 दिन बाद तोडऩे लायक हो जाती हैं। इन किस्मों में उत्पादन 120 से 150 क्विंटल हरी फलियां प्रति हेक्टर के मान से मिल जाता है।
  • जबलपुर (पाटन) व नरसिंहपुर क्षेत्र के किसान सितम्बर में मटर की बुआई कर बाजार में हरी मटर अक्टूबर-नवम्बर में ही उपलब्ध करा देते हैं। इससे उन्हें बाजार भाव भी अच्छा मिल जाता है तथा खेत रबी फसल के लिये भी समय पर खाली हो जाते हैं।

– रामखिलावन, नरसिंहपुर

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