पानी भविष्य की चुनौती

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हर वर्ष सूखे की मार से बचने के लिये भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का शुभारंभ किया है। इस कार्य के लिये अगले पांच वर्षों में पचास हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत सिंचाई आपूर्ति हेतु एक श्रृंखला स्थापित की जायेगी जिसमें जल स्रोतों का विकास, जल वितरण का ढांचा तथा खेतों तक पानी पहुंचाने तक का भी प्रावधान होगा। इस कार्य की जिम्मेदारी भारत सरकार के तीन मंत्रालयों की होगी जो इसे एक ध्येय के रूप में लेंगे। इस योजना का उद्देश्य सिंचाई के संसाधान विकसित करने के साथ-साथ वर्षा के पानी को छोटे से छोटे स्तर पर जल संचय करना तथा जल संचयन करना भी होगा।
भारत के पास विश्व के जल संसाधनों का मात्र 4 प्रतिशत पानी है जबकि विश्व की जनसंख्या का 17 प्रतिशत तथा पशुओं की संख्या का 11.3 प्रतिशत इस देश में है। इस स्थिति में पानी का प्रबंधन एक चुनौती बन जाता है। देश में 2008 लाख हेक्टर कृषि भूमि है, जिसमें से मात्र 958 लाख हेक्टर में हम सिंचाई दे पाते हैं। इस प्रकार देश में सिंचित खेती का प्रतिशत मात्र 48 है। कृषि की प्रगति के लिये हमें सिंचाई रहित 52 प्रतिशत क्षेत्र को भी सिंचाई के अंतर्गत लाना होगा। पशुधन में भी प्रगति करने के लिये पानी की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ेगी इसके लिये भी हमें प्रयास करने होंगे।
वर्ष 2016-17 में 56,226 वाटर हारवेस्ट बनाने के लिए योजना तैयार कर ली गयी है। जिससे 1,13,976 हेक्टर खेतों की सिंचाई हो सकेगी। पूर्व में भी कई बार वाटर हारवेस्ट की योजनायें बनाई गई थीं। उनमें से अधिकांश का अब अस्तित्व ही नहीं बचा। जिन वाटर हारवेस्ट प्रोजेक्ट में सही ढंग से कार्य हुआ था वे आज भी सिंचाई व भूमि में पानी के स्तर को बढ़ाने में अभी भी योगदान दे रही है। खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में ये नारे आज भी प्रेरणा के स्रोत हंै परंतु ये नारे ही बनकर रह गये हैं। जिन यदाकदा गांवों के किसानों ने इसमें अमल किया उनमें समृद्धि अलग से झलकती है।
प्रधानमंत्री की कृषि सिंचाई योजना में पानी के हर स्तर पर संरक्षण तथा उसके उचित प्रबंधन के लिये किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जाग्रत करने की आवश्यकता है, नहीं तो देश की जनता तथा पशुओं के लिये पानी की व्यवस्था करना हमारा पहला उद्देश्य बनकर रह जायेगा। इस योजना का आकलन इसमें खर्च किये गये रुपयों के आधार पर न होकर इसके परिणामों के आधार पर होना चाहिये।

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