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फिर हटाया कृषि उपसचिव को

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। विवादास्पद अधिकारी की छवि वाली किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में पदस्थ उप सचिव 2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती नेहा मारव्या सिंह को राज्य शासन ने फिर हटा दिया है। उनकी पदस्थापना विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के तौर पर मंत्रालय में की गई है। उनका प्रभार उपसचिव कृषि श्री बी.एस. धुर्वे को सौंपा गया है।

जानकारी के मुताबिक आईएएस अधिकारी श्रीमती मारव्या को वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा अनावश्यक पत्र व्यवहार के कारण उपसचिव कृषि पद से हटाया गया है। पूर्व में भी श्रीमती मारव्या विवादों में घिरी रही हैं।
शिवपुरी जिले की प्रभारी कलेक्टर रहने के दौरान उन्होंने खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे को सड़कों के लोकार्पण एवं शिलान्यास की अनुमति नहीं दी थी। तब मामला मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव तक पहुंचा था। शिवपुरी में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनने से पूर्व श्रीमती मारव्या पांच वर्षों में चार तबादलों का सामना कर चुकी है पहले जिला पंचायत जबलपुर, फिर जिला पंचायत दतिया, फिर राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल में पदस्थापना के बाद उन्हें शिवपुरी भेजा गया था। जबलपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष से विवाद हुआ था फिर तबादला हुआ। वर्ष 2014 में गुना लोकसभा चुनाव के दौरान श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रचार वाहन पर बेवजह कार्यवाही के कारण चुनाव आयोग ने इनका तबादला कर दिया था।

श्रीमती मारव्या का छोटा सा कार्यकाल विवादों में घिरा रहा है। शिवपुरी सेन्ट्रल बैंक प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की कोशिश के कारण भी वे सुर्खियों में रहीं। जनवरी 2017 में शिवपुरी में ही जनसुनवाई के दौरान एक कर्मचारी श्रीमती मारव्या के समक्ष उपस्थित होकर अपनी समस्या का समाधान न होने के कारण इच्छा मृत्यु की मांग कर रहा था, उसकी समस्या का समाधान तो नहीं किया बल्कि एस.पी. को निर्देश दिया कि पीडि़त के खिलाफ आईपीसी व सीआरपीसी के तहत कार्यवाही की जाए।

उपरोक्त कुछ चर्चित मामलों के चलते श्रीमती मारव्या की छवि विवादास्पद हो गई है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहने वाले कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग में चुनावी वर्ष में कहीं योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा न उत्पन्न हो इसलिए उन्हें अन्य जगह पर पदस्थ किया गया है।

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