देश में 27.74 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन की संभावना

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कृषि मंत्रालय का दूसरा अग्रिम उत्पादन अनुमान

नई दिल्ली। चालु फसल वर्ष के दौरान देश में गेहूं का उत्पादन 1.42 फीसदी घटकर 9.71 करोड़ टन रहने के आसार है । इसकी वजह रकबे में गिरावट बताई गई है। यह आंकड़ा सरकार के ताजा अनुमानों के मुताबिक है वहीं देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2017-18 में 27.74 करोड़ टन की नई ऊंचाई पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि पिछले फसल वर्ष में उत्पादन 27.51 करोड़ टन रहा था। खाद्यान्नों में गेहूं, चावल, मोटे अनाज और दालें शामिल है। खरीफ की फसलें पहले ही बाजार में आ चुकी हैं, जबकि रबी की फसलें अब मंडियों में आनी शुरू हुई हैं।
कृषि मंत्रालय ने 2017-18 का दूसरा अनुमान जारी करते हुए कहा, ‘2017 में मानसून लगभग सामान्य रहने और सरकार के कई नीतिगत कदम उठाने से देश में चालू वर्ष के दौरान रिकॉर्ड खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। गेहूं का उत्पादन 2017-18 में 14 लाख टन घटकर 9.17 करोड़ टन का अनुमान है। गेहूं उत्पादन में गिरावट की मुख्य वजह चालू रबी सीजन में इस फसल का रकबा 4.27 फीसदी घटकर 3.04 करोड़ हेक्टेयर पर आना है। राजस्थान जैसे राज्यों में किसानों ने गेहूं की जगह दलहन की बुआई की तरजीह दी। इस साल चावल का उत्पादन 13.1 लाख टन बढ़कर 11.10 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो 2016-17 में 10.97 करोड़ टन रहा था। चावल का ज्यादातर उत्पादन खरीफ सीजन में हेाता है। दलहन का उत्पादन 8.2 लाख टन बढ़कर 2.39 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 2.31 करोड़ टन था । इस साल दलहनों में चना और उड़द का उत्पादन क्रमश: 1.11 करेाड़ टन और 32.3 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। मोटे अनाजों का उत्पादन इस साल 4.54 करोड़ टन अनुमानित है, जो फसल वर्ष 2016-17 में 4.37 करोड़ टन रहा था।

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