केंचुआ खाद से अनार लहलहाया – कम लागत में अच्छी उपज

नैगवां (कटनी)। कृषक सत्येन्द्र दुबे पिता परमानंद माता राजकुमारी एवं भाईयों के साथ ग्राम- कुन्दरदेही, तहसील विजयराघवगढ़, जिला-कटनी के कृषक हैं। कृषक के पास ट्रैक्टर एवं डेयरी है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा कृषकों को जैविक कृषि पाठशाला नैगवां में प्रशिक्षण एवं भ्रमण कराया गया। पाठशाला के संचालक रामसुख दुबे ने विभिन्न जैविक खादों एवं जैविक कीटनाशकों को बनाने एवं फसलों में उपयोग का तरीका बताया जिससे प्रेरित होकर कृषक ने तेवरी के सत्येन्द्र श्यामनारायण पांडे से 13 किलो केंचुआ खरीद कर केंचुआ खाद बनाना प्रारंभ किया। कृषक ने बताया कि अनार के पौधे में पहले फल छोटे एवं कम लगते थे। केंचुआ खाद डालने के बाद फल बड़े एवं इतने अधिक संख्या में लगे कि शाखायें झुककर भूमि तक पहुंच गई। इसी तरह एक एकड़ टमाटर में केंचुआ खाद का उपयोग करने से उपज में वृद्धि हुई। कोई भी कीड़ा एवं रोग नहीं लगा। रसायनिक खाद एवं कीटनाशक दवाइयों की लागत बच गई। इस समय बिक्री रेट कम होने के बाद भी घाटा नहीं हुआ। इस समय खेत में शकरकंद की बेल केंचुआ खाद देकर लगाई गई है जिसे बरसात में तीन एकड़ में केंचुआ खाद देकर लगाया जाना है जिससे कम लागत में अच्छे उत्पादन की आशा है। बरसात में 2 एकड़ में फलदार पौधे लगाने की तैयारी चल रही है। ग्राम के कृषक भी अवलोकन कर रहे हैं। जैविक खेती के रामसुख दुबे ने तीन बार भ्रमण कर जैविक खेती करने हेतु मार्गदर्शन किया।

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